फर्जी ADM बनकर घूम रहा युवक पकड़ा गया, कैसे हुआ शक, पुलिस कर रही पूछताछ

Fake ADM: पुलिस ने पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में मंगलवार को एक युवक को हिरासत में लिया जो खुद को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का अपर जिलाधिकारी (ADM) बताकर अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था.

Fake ADM, चंद्रप्रकाश आर्य : रामनगर पुलिस ने एक युवक को फर्जी एडीएम होने के संदेह में हिरासत में लिया है. युवक की पहचान हरीनगर शुगर मिल कॉलोनी निवासी जय शंकर झा के रूप में हुई है. वह एक मारुति वैगनआर कार में सवार होकर मंगलवार को रामनगर पहुंचा, जिस पर भारत सरकार लिखा हुआ था और एडीएम का फर्जी बोर्ड भी लगा था. युवक पहले एसडीपीओ कार्यालय पहुंचा और वहां एएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन उनके न होने पर वह सीधे रामनगर थाना पहुंच गया.

कैसे हुआ शक

थाना पहुंचने पर जय शंकर झा ने थानाध्यक्ष ललन कुमार को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एडीएम के पद पर कार्यरत है और एक गांव में जा रहा है, जिसके लिए उसने पुलिस एस्कॉर्ट की मांग की. बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष को उसकी बातों पर शक हुआ और उन्होंने उससे पहचान से संबंधित दस्तावेज मांगे. युवक ने जो आईकार्ड दिखाया. वह देखने में ही फर्जी लगा. जिस पर उसका नाम और पद ADM लिखा था.

गाड़ी पिता के नाम पर है

संदेह गहराने पर पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. उसने अपनी जॉइनिंग और पदस्थापना से जुड़े अन्य दस्तावेज भी दिखाए. इसकी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया सभी कागजात फर्जी नजर आ रहे हैं. जिस गाड़ी पर वह सवार था उस पर अपर कलेक्टर का बोर्ड लगा हुआ था. वह गाड़ी उसके पिता अभय कुमार झा के नाम पर है जो हरीनगर शुगर मिल में केन विभाग में कार्यरत हैं.

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होगी कानूनी कार्रवाई

थानाध्यक्ष ललन कुमार ने बताया कि युवक द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. गाड़ी और फर्जी आईडी के संबंध में भी सत्यापन प्रक्रिया चल रही है.जांच पूरी होने के बाद युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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