Success Story : बिहार में बढ़ई के बेटे ने पास की UPSC परीक्षा, बना ISS अधिकारी, जानिए प्रेरणादायक कहानी

Success Story : बेहद गरीब परिवार से आने वाले जयप्रकाश शाह इंडियन स्टैटिकल सर्विस अधिकारी हैं. आइये उनकी सफलता की कहानी जानते हैं.

Success Story : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के रहने जयप्रकाश साह ने यूपीएससी ISS परीक्षा में 27वीं रैंक हासिल कर इंडियन स्टैटिकल सर्विस में अधिकारी बने हैं. जयप्रकाश शाह की ने यह सफलता महज 26 साल की उम्र में ही प्राप्त की. बेहद गरीब परिवार से आने वाले जयप्रकाश शाह ने अपने लक्ष्य के आगे किसी भी परेशानी को नहीं टिकने दिया.

क्या बोले जयप्रकाश

इंडियन स्टैटिकल सर्विस अधिकारी जयप्रकाश साह ने बताया कि वो पश्चिमी चंपारण के मझौलिया प्रखंड के जौकटिया पंचायत के रहने वाले हैं. उनके पिता बढ़ई का काम करते हैं. उनकी मां बकरी चराया करती थीं. परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद उन्होंने बताया था कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी करने के लिए चार साल से घर नहीं गए थे.

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मां को पता ही नहीं बेटा क्या बन गया है

यूपीएससी का जब रिजल्ट आये और जयप्रकाश अधिकारी बन गए तो उनके दोस्त काफी खुश हुए. उन्हें पता था कि जयप्रकाश ने कितनी बड़ी सफलता पाई है. लेकिन उनकी मां को नहीं पता था कि बेटा अब क्या बन गया है.

पढ़ाई- लिखाई के बारे में जानिये

इंडियन स्टैटिकल सर्विस अधिकारी बने जयप्रकाश साह ने बारहवीं तक की पढ़ाई गांव में रह कर ही पूरी की. इसके बाद उन्होंने पटना साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया. फिर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से मास्टर ऑफ अकाउंटिंग  (MAC) की डिग्री हासिल की. लेकिन इसके बाद जयप्रकाश ने एक कंपनी में फ्रीलांसर के तौर पर काम करते हुए अपनी पढ़ाई के लिए खर्च निकालने लगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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