हत्या. 56 मामलों के आरोपित की तीन मामलों में होनी थी पेशी,पहली पेशी के बाद ही हो गया हमला
उत्तर िबहार के बेितया, मोितहारी व मुजफ्फरपुर में आपरािधक घटनाएं करनेवाले बबलू दूबे की हत्या हो गयी है. उसे बेितया कोर्ट परिसर में गोिलयों से भून िदया गया. बबलू पर 56 केस दर्ज थे, िजनमें 36 में बरी हो चुका था. केवल एक मामले में उसे दो साल की सजा हुई थी.
बेतिया : उत्तर बिहार के चर्चित अपराधी सह आर्मी लिबरेशन फ्रंट के सरगना बबलू दूबे की हत्या कर दी गयी है. उसे बेितया कोर्ट परिसर में भून िदया गया है. हत्या उस वक्त हुई, जब चोरी के सामान मामले में पेशी के लिए बेतिया सिविल कोर्ट लाया गया था. इसी दौरान कोर्ट परिसर में पहले से घात लगाये अपरािधयों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. बबलू को आधा दर्जन गोलियां मारीं गयीं.
घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए पैदल ही कोर्ट के मुख्य गेट पूरब व पश्चिम दिशा से फरार हो गये. बबलू को पेशी के िलए लेकर आये सैफ जवानों ने अपरािधयों का पीछा किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे. इधर, गोली की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी
कोर्ट में परिसर
मच गयी. जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, डीएम लोकेश कुमार सिंह, एसपी विनय कुमार ने मौके पर पहुंच मामले का जायजा लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
घटना गुरुवार की सुबह 11 बजे हुई. बेतिया मंडल कारा में बंद बबलू दूबे को सुरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था, जहां न्यायिक दंडाधिकारी कुमुद रंजन की कोर्ट में उसे बैरिया थाना में 2013 में बरामद चोरी के सामानों में उसकी पेशी हुई. इसमें इस मामले के अनुसंधानक रहे सब इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने अपनी गवाही दी.
इस दौरान कोर्ट में बबलू दूबे भी मौजूद था. गवाही पूरी होने के बाद उसकी पेशी अपर जिला जज षष्टम की कोर्ट में होनी थी. जवान उसे यहां से लेकर जैसे ही कोर्ट से बाहर निकले, तभी पहले से पूरब की दिशा में खड़े एक अपराधी ने पिस्टल से तीन गोिलयां बबलू दूबे को मारीं. गोलियों की आवाज सुनते ही तैनात जवानों ने अपराधी को दौड़ाकर पकड़ना चाहा, तभी पश्चिम की दिशा में मौजूद दूसरे अपराधी ने बबलू पर दो और फायर िकये. इससे जवान व कोर्ट में मौजूद लोग सहम गये. इधर-उधर भागने लगे. इसका फायदा उठाते हुए अपराधी पिस्टल लहराते हुए कोर्ट में मेन गेट से बाहर निकले, जहां पहले से मौजूद बाइक सवार ने अपराधी को बैठा लिया और सभी भागने में कामयाब रहे.
इधर, गोली की आवाज सुनने के बाद कोर्ट परिसर में भारी अफरा-तफरी मच गयी. जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव भी अपने चैंबर से बाहर निकल मौके पर आ गये. डीएम लोकेश कुमार सिंह व एसपी विनय कुमार भी मौके पर पहुंचे, तब तक कोर्ट परिसर छानवी में तब्दील हो चुका था. भारी सुरक्षा में बबलू दूबे का शव पोस्मार्टम के लिए बेतिया अस्पताल लाया गया. पोस्टमार्टम होने के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया.
उद्योगपति केडिया अपहरण व गोपालगंज में इंजीनियर हत्याकांड में आया था बबलू का नाम
रंगदारी मांगने से हुआ
था चंपारण में चर्चित
नेपाल में बैठकर वहीं के नंबर
से मांगता था रंगदारी
रंगदारी नहीं देनेवाले के यहां करा देता था बम िवस्फोट
फायरिंग से कोर्ट परिसर में भगदड़, जहां-तहां छुपे लोग
टाइम लाइन
11:00 बजे अपराधियों ने शातिर बबलू को गोली मारने की हुई घटना
11:05 बजे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल
11:08बजे कोर्ट में मौजूद रंगदारी सेल के दारोगा विमलेन्दू कुमार मौके पर पहुंच संभाला मोरचा, एसपी को दी जानकारी
11:20 बजे एसपी विनय कुमार कोर्ट परिसर में पहुंचे
11:30 बजे डीजे अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव व डीएम लोकेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे.
11:30बजे बबलू दूबे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
12:05बजे एसपी विनय कुमार एमजेके सदर हॉस्पिटल पहुंचे
01:30बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
04:55बजे डीआइजी अनिल कुमार सिंह कोर्ट पहुंच मामले का जायजा लिया.
कोर्ट परिसर में शातिर बबलू दूबे का शव लेकर जाते पुलिस जवान.
दर्ज हैं 56 मामले
एक समय में उत्तर िबहार के िवभिन्न िजलों की पुिलस का सिरदर्द रहे बबलू दूबे पर 56 मामले दर्ज थे. इनमें रंगदारी व रंगदारी के िलए हत्या जैसे संगीन केस शािमल हैं. बेतिया में छह मामले दर्ज थे. बबलू मोितहारी का रहनेवाला था. यहां पर भी उस पर कई मामले दर्ज हैं. इसके अलावा गोपालगंज, िशवहर व मुजफ्फरपुर में भी बबलू पर आपरािधक मामले दर्ज हैं. उसकी हत्या के पीछे पुिलस कोई बड़ी सािजश मान रही है.
कोर्ट की सुरक्षा पर सवाल?
शातिर बबलू दूबे की हत्या से फिर कोर्ट की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. वैसे तो आम जनता व अधिवक्ताओं के लिए कोर्ट में प्रवेश के लिए बने द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगा हुआ है. यहां तैनात जवान कोर्ट के अंदर जाने वालों की तलाशी भी करते हैं. बावजूद इसके हथियार लेकर अपराधी कोर्ट परिसर में कैसे दाखिल हो गये. इसको लेकर पुलिस भी सकते में हैं.
