मनमानी . मीना बाजार, हॉस्पिटल रोड व मित्रा चौक से नहीं हटा अवैध कब्जा
बेतिया : शहर में आने वालों का काम हो या नहीं हो, लेकिन उनका जाम में फंसना तय है. इसकी प्रमुख वजह है , सड़क की पटरियों और नालों पर अतिक्रमण. हाल यह है कि आमजन को बेतिया में हर दिन घंटों या हर चौराहे और बीच के रास्ते पर लगे जाम से दो-चार होना पड़ रहा है.मुख्य चौक-चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करने के लिए जवानों को भी लगाया है. लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ता है. कारण यह है कि वाहन चालक सरेआम बीच सड़क पर अपना दो पहिया या चार पहिया वाहन खड़ा करके घंटों तक गायब रहते हैं.
नालों पर कब्जा होने
से भी लगता है जाम
शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ने के पीछे नालों का अतिक्रमण प्रमुख वजहों में से एक है. प्रतिस्पर्धा में दुकानदार अपनी दुकान का सामान फुटपाथ और उससे भी आगे सड़क पर रखते है. उस पर सामान खरीदने आया ग्राहक भी अपना वाहन दुकानों के सामने या आसपास सड़क पर खड़ा कर देते हैं. इस प्रकार दुकानदार व ग्राहकों के वाहनों की भीड़ से सड़क नाममात्र शेष रह जाती है. अधिकांश दुकानें मुख्य नाले के उपर अतिक्रमण कर बनाये गये हैं.
अब तक नहीं की पहल
शहर के कई स्थानों पर टैंपों, रिक्शा चालकों व ऑटो रिक्शाओं का जमावड़ा लगा रहता है. जो दिन व रात अपना कब्जा जमाए रहते हैं. उन्हें हटाने के लिए अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. सोआबाबू चौक, संत कबीर चौक, सागर पोखरा, विपिन हाइस्कूल , स्टेशन चौक, उर्वशी सिनेमा रोड आदि के नजदीक वाहनों की भीड़ होती है. सिकटा के नरेश महतो ने बताया कि वह जब भी शहर में आते हैं. उन्हें जाम का सामना करना पड़ता है.
नालों पर कब्जा कर अतिक्रमणकारियों ने बनवा लिये हैं होटल व मकान
