फूंका पुतला. चंपारण सत्याग्रह शताब्दी मनाने की घोषणा छलावा
बेतिया : लोकसभा में पेश हो चुके बजट पर गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की ओर से वित्त मंत्री का पुतला फूंक इसपर नाराजगी जतायी गयी. आरोप लगाया गया कि यह बजट काॅरपोरेट जगत को लाभ पहुंचाने वाली है. इसमें किसानों, मजदूरों, नौजवानों, गरीब तबकों के लिए कुछ नहीं है. केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से विफल साबित हो रही है.
शहर के सोआ बाबू चौक पर पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान जिला मंत्री प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के वित्त मंत्री के द्वारा पेश किया गया बजट काॅरपोरेट जगत को सहयोग करने वाली नीतियों के अनुकूल ही था . इस बजट में गरीब वर्ग, किसान वर्ग, नौजवान के लिए कुछ भी नहीं है. बैंकों और नाबार्ड बैंक से किसानों द्वारा कर्ज लेने वाले पैसे को बजट में दिखाकर धोखा देने का काम किया गया है . आत्महत्या पर मजबूर किसानों के कर्ज की माफी कर राहत देने का कोई काम नहीं किया गया .
मनरेगा का बड़े पैमाने पर बकाये पैसे को देने के लिए मामूली सी वृद्धि को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया गया है. प्रतिवर्ष दो करोड़ नौजवानों को रोजगार देने के नाम पर निजी क्षेत्रों में डेढ़ लाख नियोजन बहुत बड़ा धोखा है .रेल और सड़क के सवाल पर चम्पारण को अनदेखी किया गया है.
छावनी ओवर ब्रिज पर चल रहे राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप की कलई खुल गयी है इस पर सरकार मौन है. गांधी द्वारा शुरू किये गये चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी पर भी बजट में कोई प्रावधान नहीं है .कुल मिलाकर बजट आम जनता के साथ छलावा है. मौके पर चांदसी प्रसाद यादव ,प्रभुनाथ गुप्ता, नीरज बरनवाल, वशिष्ठ राय, शंकर राव, मो वहीद, मो महफूज़, सुशील श्रीवास्तव, अनवार अली, मदन लाल गुप्ता, रामजी आर्य, मो सहीम आदि मौजूद रहे.
