सीएस ने दिया बगहा पीएचसी प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश
पूर्व में फरजी तरीके से नियुक्त सैकड़ों एएनएम पर हो चुकी है कार्रवाई
बेतिया : फर्जी एएनएम बहाली को लेकर चर्चित रहे स्वास्थ्य विभाग में फिर एक नियुक्ति फर्जी मिली है. सत्यापन के बाद फर्जी नियुक्त पत्र के आधार पर नौकरी कर रही एएनएम अमृता सिन्हा के विरुद्ध सिविल सर्जन डाॅ. अनिल कुमार सिन्हा ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया है.
सीएस ने बगहा पीएचसी प्रभारी को भेजे गये पत्र में कहा है कि एएनएम अमृता सिन्हा की नियुक्ति पत्र का सत्यापन कराया गया है. जो फर्जी पाया गया है. फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर उक्त एएनएम वर्षों से कार्य करती आ रही है. जिसके आलोक में एएनएम पति उमेश प्रसाद सिंह ग्राम पोस्ट लदही, जिला दरभंगा के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी जाय और उसकी कॉफी जिला मुख्यालय कार्यालय को भेजी जाय.
सीएस ने कहा है कि एएनएम की नियुक्ति के सत्यापन के लिए सिविल सर्जन सहरसा को पत्र भेजा गया था. जबकि डा. पीएन झा का कार्यकाल सहरसा में 1987 से 1988 तक था. जबकि नियुक्ति पत्र पर प्रेमनाथ झा का हस्ताक्षर अंकित है. जिसके आलोक में यह नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया है. उल्लेखीय है कि अब तक जिले में सैकड़ों एएनएम की नियुक्ति पूर्व में फर्जी पाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. इतना ही नहीं आरोप है कि अभी भी कई एएनएम फर्जी नियुक्ति के आधार पर नियुक्त होकर कार्य कर रहे हैं. चर्चा तो यह भी है कि पूर्व के सिविल सर्जनों की ओर से कई नियुक्ति भी यहां विवादित और जांच के घेरे में रही है. जिसको लेकर कई बार जांच के लिए आवेदन भी दिये गये हैं. लेकिन कई एएनएम की जांच अंधेरी सुरंग में गुम हो गयी है.
