170 छात्रों के लिए अब तक नहीं बन सका भवन

ठकराहां : बिहार सरकार के द्वारा एक तरफ जहां शिक्षा को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं.वहीं दूसरी तरफ प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जुगल टोला श्रीनगर में एक ही टिनशेड झोपड़ी के नीचे कक्षा एक से कक्षा पांच तक के बच्चे पढ़ने को मजबूर है. शिक्षक जब कक्षा पांच को पढ़ाते […]

ठकराहां : बिहार सरकार के द्वारा एक तरफ जहां शिक्षा को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं.वहीं दूसरी तरफ प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जुगल टोला श्रीनगर में एक ही टिनशेड झोपड़ी के नीचे कक्षा एक से कक्षा पांच तक के बच्चे पढ़ने को मजबूर है. शिक्षक जब कक्षा पांच को पढ़ाते है, तो अन्य कक्षाओं के बच्चों को बाहर खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ता है.

इस दियारा के विद्यालय में समुचित संसाधनों का अभाव है. फिर भी कुल 170 नामांकित बच्चों में लगभग 120,130 छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन दर्ज होती है.फिर भी आज तक इस विद्यालय को अपना भवन या शौचालय नसीब नहीं हुआ है. झोपड़ी में मध्याह्न भोजन बनता है. कभी जब मौसम खराब होता है तो एमडीएम ही नहीं पठन पाठन भी ठप हो जाता है.भवनहीन विद्यालय में खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठ कर पढ़ने पर बच्चे मजबूर है.उक्त विद्यालय में 170 विद्यार्थी पढ़ते हैं.170 विद्यार्थियों पर चार शिक्षक हैं. ऐसे में अनुकुल वतावरण के अभाव में बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है.
इस विद्यालय में कोई भवन नहीं होने की वजह से प्रधान शिक्षक को अपनी बाइक को ही कार्यालय बनाकर प्रत्येक दिन रजिस्टर व कागजात ढोना पड़ता है. विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय चौरसिया ने बताया की नदी पर पुल नहीं होने से पूर्व में भवन निर्मांण या संसाधनों का अभाव रहा है. लेकिन उक्त पंचायत अब जिला मुख्यालय से पीपा पुल के माध्यम से जुड़ गया है.विभाग इस पर विचार करे ताकि बच्चों को शिक्षा के समुचित संसाधन मिल सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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