कार्रवाई. निरीक्षण के क्रम में हॉस्पिटल से बिना सूचना के मिले थे गैरहाजिर
21 अक्तूबर को किया था निरीक्षण
बेतिया : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरकटियागंज के निरीक्षण के दौरान गायब रहने पर पांच नर्स व लेखापाल से सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने स्पष्टीकरण की मांग करते हुए वेतन निकासी पर रोक लगा दिया है़
सीएस श्री सिन्हा ने बताया कि 21 अक्टूबर को नरकिटयागंज पीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया तो नर्स रानी भारती, सुविधा कुमारी, हिरामणी र्मुमु, सबिना तिकी, सुनीता कुमारी और लेखापाल संजय आर्य गायब पाये गये थे़ जिसकों लेकर इन सभी से स्पष्टीकरण के मांग करते हुए वेतन निकासी पर रोक लगा दिया गया है़
सीएस ने कहा है कि निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष में काफी गंदगी पाया गया़ ग्रामीणों ने बताया कि कमली देवी, कुमारी चंदा व नर्स की ओर से अवैध उगाही की जाती है़ उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसरक के चारों तरफ गंदगी लगी हुई थी़ इसको लेकर नरकटियागंज पीएचसी चिकित्सा प्रभारी से भी स्पष्टीकरण की मांग किया गया है़ साथ ही कहा निर्देश दिया गया है की प्रसव कक्ष के नर्स के भी वेतन निकासी पर रोक लगा दिया जाये़
रेफरल अस्पताल के डॉक्टर, नर्स विवाद की हुई जांच
जांच पदाधिकारी को आवेदन दे लोगों ने की प्रदूषित माहौल से मुक्ति की गुहार
गौनाहा. यहां के चर्चित रेफरल अस्पताल के चिकित्सक और नर्स मामले की जांच करने के लिए सोमवार को जिला से डॉ अरूण कुमार सिन्हा पहुंचे और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच-पड़ताल की.
इस मामले में पदाधिकारी डॉ सिन्हा ने उभय पक्ष से पूछताछ की और संबंधित तमाम पहलुओं का बारीके जायजा लिया. श्री सिन्हा ने बताया कि पूछताछ में दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी सफाई पेश की गयी. दोनों अपने को निदोर्ष बता रहे हैं. हालांकि जांच की बात सुनकर अस्पताल में काफी संख्या में भीड़ जुट गयी और स्थानीय लोगों ने इन दोनों के विवाद को खत्म कर बेहतर व्यवस्था स्थापित करने के लिए जांच पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपा. कई लोगों ने जांच पदाधिकारी से कहा कि इन दोनों के कारण गुटबंदी और माहौल काफी प्रदूषित हो गया है. यदि संभव हो तो दोनों को यहां से हटाया जाय. वैसे जांच पदाधिकारी श्री सिन्हा ने कहा कि वे सीएस के आदेश पर जांच करने आये हैं और यहां के बारे में वे अपना जांच प्रतिवेदन सौंपेंगे,जिसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
