लोदिहरवा सरेह में सात माह से बाघ ने जमा रखा है डेरा
बाल्मीकी ब्याघ्र परियोजना की ओर से भेजी गयी टीम
बगहा (प़ चंपारण) : प्रखंड के लेदिहरवा दियारा के सरेह में शनिवार की रात एक बार फिर से बाघ देखा गया. बाघ दिखने के बाद पहले से हीं भय के साये में जी रहे लेदिहरवा,मछहां एवं भूईधरवा पंचायत के लोग एक बार फिर से दहशत में आ गये हैं. ग्रामीण रामा यादव, सीता यादव , ललन चौधरी, सरल बैठा, हीरा बैठा, वृक्षा बैठा आदि का कहना है कि शनिवार की रात रामा यादव के बथान के समीप हमलोग धान की फसल की रखवाली कर रहे थे. तभी तकरीबन 200 मीटर की दूरी पर बाघ की गर्जना सुनायी दी. टॉर्च जलाने पर बाघ दिखा. डर के मारे हमलोग ऊंचे मचान पर चढ़ गये. वहीं छुप कर बैठ गये.
कुछ देर बाद बाघ दियारा की तरफ बढ़ता चला गया. विदित हो कि लेदिहरवा सरेह में बाघ लगभग 7 माह से डेरा जमाये हुए है. दो माह पूर्व 19 जून तथा 21 जून को भी लेदिहरवा में बाघ दिखा था. उसने एक जंगली बछड़े को अपना शिकार बनाया था. लेकिन बाघ के उस क्षेत्र में होने की सूचना के बाद भी वन विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. वन विभाग के कर्मी अते हैं और बाघ के पदचिह्न की खोजकर वापस लौट जाते है. रविवार की सुबह ग्रामीणों ने जिस जगह बाघ देखा था उसके पदचिह्न की मोबाइल से तसवीर भी ली.
भितहां प्रखंड के तीनों पंचायतों के ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी स्थित के बारे में प्रशासन एवं वन विभाग दोनों को पता है. लेकिन कोई उनकी मदद को नहीं आ रहा है. बाल्मीकी ब्याघ्र परियोजना के संरक्षक सह निदेशक आर बी सिंह का कहना है कि बाघ के वहां होने की सूचना है. वन कर्मियों की टीम गठित कर वहां भेजी जा रही है.
