बेतिया : शहीद दिवस के अवसर पर स्थानीय शहीद स्मारक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओ ने कहा कि शहीदों का विस्मरण करने से हमें देश कभी माफ नहीं करेगा. इसे हम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पूरी तन्मयता से निभायें.
वक्ताओं ने कहा कि समाज में कुछ विकृत सोच के लोग हैं. जो अपने कृत्य व विचारों से जाति वर्ग धर्म सम्प्रदाय का भेद पैदा करने में लगे रहते हैं. जिसके कारण समाज में अनेक किस्म की दीवार बन गयी है. वक्ताओं ने समाज को बेहतर बनाने के लिए हर हाल में बेहतर सोच रखने की नसीहत दी. उप विकास आयुक्त राजेश मीणा ने कहा कि चम्पारण आंदोलन पूरे देश में बेमिसाल है . हमारी कोई कृत्य ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमारे बलिदानियों की आत्मा शर्मिंदा हो.
प्रशिक्षु आईएएस मनेश कुमार मीणा, अपर समाहर्ता अंसार अहमद मो़ खब्बीर, एसडीएम सुनील कुमार, बसंत राव भुसारी, ठाकुर त्यागी, नवेन्दु चतुर्वेदी आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन शंभु शरण शुक्ल ने किया. मौके पर 24 अगस्त 1942 को छोटा रमना मैदान में अंग्रेजों की गोली के शिकार शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र आदि सौंप कर सम्मानित किया गया. इसके पूर्व उपस्थित सांसद डा संजय जायसवाल, विधायक प्रकाश राय, नारायण साह समेत अन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदो को श्रद्धा सुमन अर्पित किये. वहीं पुलिस के जवानों ने जिले के शहीदों के सम्मान में मातमी धून बजाते हुए शहीदो को सलामी दी.
लगाया था काला बिल्ला : बुधवार को शहीदों को माल्यार्पण के दौरान सभी लोग आश्चर्य में पड़ गये जब शहीदो के परिजनों ने काला बिल्ला लगा रखा था.
उनका आरोप था कि केवल इस दिन प्रशासन की ओर से उन्हें अंगवस्त्र एवं मिठाई का पैकेट देकर सम्मानित तो कर दिया जाता है लेकिन उन्हें आजतक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गयी. परिजनों ने कहा कि प्रत्येक वर्ष यहां कई प्रकार की घोषणाएं की जाती रही है. लेकिन लाभ कुछ नहीं हुआ. हालांकि बाद में प्रशासनिक पहल पर उन लोगों ने काला बिल्ला उतार दिया.
