गंदगी का ढेर बना जीएमसी व एमजेके अस्पताल

बेतिया : सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है़ं साथ ही अस्पताल के साफ-सफाई में लाखों रुपये खर्च किये जा रहे है़ं उसके बाद भी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सह महारानी जानकी कुंवर अस्पताल परिसर में गंदगी का ढेर लगा रहता है़ इस गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रमण […]

बेतिया : सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है़ं साथ ही अस्पताल के साफ-सफाई में लाखों रुपये खर्च किये जा रहे है़ं उसके बाद भी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सह महारानी जानकी कुंवर अस्पताल परिसर में गंदगी का ढेर लगा रहता है़

इस गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रमण बीमारी मरीजों को होने का डर बना रहता है़ हालांकि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई के लिए कॉलेज व अस्पताल प्रशासन द्वारा संविदा पर कार्य कराया जाता है़ उसके बावजूद भी अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगना सफाई कर्मियों के कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है. मेडिकल साइंस के अनुसार प्रसव वार्ड व आस-पास के इलाके बिल्कुल साफ-सुथरा रहना चाहिए़ लेकिन अस्पताल की सबसे बड़ी गंदगी का अंबार वहीं लगा रहता है़ ऐसे में प्रसव कराने आये गर्भवती महिला व नवजात शिशुओं के लिए संक्रमण बीमारियां होने की संभावना प्रबल बनी रहती है़
इधर मेलवार्ड, फिमेल वार्ड, बर्नवार्ड, हल्वे वार्ड की भी स्थिति दैयनीय है़ सभी वार्डों में मरीजों के बेड के पास गंदगी फैली हुई रहती है़ इसके चलते वार्डों में नगर में घूमने वाले आवारा पशु दिखने को मिल जाते है़ं इस व्यवस्था से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन की सफाई व्यवस्था कितनी कार्य कर रही है़
अस्पताल परिसर में गंदगी लगी है तो सफाई कमी से जबाब-तलब किया जायेगा़ अस्पताल के सफाई कार्य संविदा पर संचालित कराया जाता है़ इस बारे में भी संचालक से बात कर के लगी हुई गंदगी को साफ कराया जायेगा़
डाॅ एच एन झा, अधीक्षक ,

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