मुख्य नाले पर स्लैब नदारद

वार्ड में जर्जर हो चुकी हैं सड़कें, जगह-जगह बन गये हैं गड्ढे बेतिया : शोरूम, दुकानें, बड़ी-बड़ी बिल्डिंगे, हॉस्पिटल भले ही कमलनाथ वार्ड को ‘वीआइपी’ मुहल्ले का तमगा देती हो, पर वार्ड की टूटी सड़कें व खुली नाले यहां के विकास का पोल खोलती है़ सड़कें जर्जर हो चुकी हैं. गिट्टियां उखड़ कर सड़कों पर […]

वार्ड में जर्जर हो चुकी हैं सड़कें, जगह-जगह बन गये हैं गड्ढे

बेतिया : शोरूम, दुकानें, बड़ी-बड़ी बिल्डिंगे, हॉस्पिटल भले ही कमलनाथ वार्ड को ‘वीआइपी’ मुहल्ले का तमगा देती हो, पर वार्ड की टूटी सड़कें व खुली नाले यहां के विकास का पोल खोलती है़ सड़कें जर्जर हो चुकी हैं. गिट्टियां उखड़ कर सड़कों पर पसरी हुई है़ पीसीसी में भी जगह-जगह गड्ढा हो गया हैं. सफाई की स्थिति अन्य मुहल्लों से बेहतर हैं. कचरा रोज उठता है़
वार्ड की सबसे प्रमुख समस्या मुख्य नालों पर स्लैब का नहीं होना है़ चूंकि शहर का मुख्य नाला वार्ड से होकर गया है और सड़क से बिल्कुल सटा हुआ है़ लिहाजा आये दिन नालों में राहगीर, बच्चों व पशुओं के गिरने की घटनाएं होती रहती है़ इसके अलावा नाले की सफाई भी नहीं करायी गयी है, इससे नाले में पूरी तरह से कचरा जमा हो गया़ नतीजा बारिश होने पर नालियां उफना जाती है, लेकिन थोड़ी ही देर में पानी निकल जाता है़ वार्ड की दूसरी प्रमुख समस्या बिजली तारों के मकड़जाल की है़ अक्सर वार्ड में लोकल फाॅल्ट के चलते बिजली कट जाती है़ तार भी सबसे अधिक इसी वार्ड में गिरता है़ वार्ड में ज्यादातर नौकरीपेशा व व्यवसायी वर्ग के लोग रहते है़ं किराये के फ्लैट में रहने वाले छात्रों की संख्या भी वार्ड में सर्वाधिक है़
ब्रेकर बिगाड़ रहे वार्ड की सूरत: वार्ड की सड़कें जहां टूटी हुई हैं, वहीं गलियों में मार्ग पर जरूरत से ज्यादा बने ब्रेकर वार्ड की सूरत बिगाड़ रहे है़ं गलियों में ब्रेकर की संख्या बहुत अधिक है़ इससे लोगों को खासा परेशानी होती है़ कई बार दुर्घटना का कारण भी ब्रेकर बन जाते है़ं
आये दिन गिरते हैं राहगीर व बच्चे
बिना स्लैब का मुख्य नाला व नाले में जमा कचरा.
मुख्य मार्ग को छोड़ दिया जाय तो वार्ड की सभी गलियां काफी सकरी है़ं इससे बिजली की तारें मकानों के उपरी मंजिल के बालकनी से एकदम सटी हुई है़ हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई हादसा नहीं हो जाये़ कई बार मांग किया गया है कि बिजली तारों को ढका जाय, लेकिन कोई अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है़
सुरेश प्रसाद, वार्डवासी
मुख्य नाले की सफाई नहीं होती है़ इससे नाला पूरी तरह से जाम हो गया है़ प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा से नाला भरा हुआ है़ लिहाजा दुर्गंध उठती रहती है़ सबसे जरूरी है कि इन नालों का स्लैब से ढ़का होना, जो नहीं है़
फिदेलीस फ्रांसिस, वार्डवासी
डोर टू डोर कचरा उठाने की बात कई बार सुनी, लेकिन कचरा उठाव नहीं हो रहा है़ लोग अपने मकानों का कचरा सड़कों पर ही डाल देते है़ं इससे वार्ड गंदा दिखता है़ डोर टू डोर कचरा उठना शुरू हो जायेगी तो कुछ राहत मिलेगी़
सालेहा खातून, वार्डवासी
आज तक वार्ड का ठीक से विकास नहीं हो सका़ सडकें जर्जर हैं, जगह-जगह गढ्ढे बन गये है़ं पार्षद से इसकी शिकायत की गयी है़ लेकिन सड़कों का मरम्मत नहीं हो रहा है़ सबकुछ वैसा ही है़
रंजना पटेल, वार्डवासी
बोले पार्षद
मुख्य नालों पर स्लैब नहीं होने का मामला कई बार बोर्ड की बैठक में उठा चुका हूं. इसके लिए सहमति बन गयी है़ जल्द ही नालों पर स्लैब लग जायेगा़ बरसात का सीजन खत्म होते ही मुख्य नालों की सफाई करायी जायेगी़ वार्ड की अन्य जो भी समस्याएं हैं, उसको लेकर संजीदा हूं. बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव मेरे द्वारा दिया जा चुका है़ जिसपर स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दी जायेगी़
अभिषेक पांडेय, पार्षद

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