गोलीकांड . पसरा रहा सन्नाटा, इलाके में पुलिस कर रही है कैंप
एसडीओ-एएसपी कर रहे निगरानी
माेतिहारी/ मधुबन : तेतरिया में मंगलवार को घटी घटना के बाद बुधवार को पुलिस फायरिंग के विरोध में राजेपुर बाजार बंद कर विरोध प्रकट किया गया. नाराज ग्रामीणों ने मधुबन पथ को जाम कर नारेबाजी की. सूचना पर पूर्व विधायक शिवजी राय पहुंचकर समझा-बुझाकर जाम हटवाया. आक्रोशित ग्रामीण पुलिस द्वारा की गयी गोली बारी की जांच कर कारवाई की मांग कर रहे थे. वहीं घटना के विरोध में दूसरे दिन भी स्थानीय दुकानदारों द्वारा तेतरिया में दुकाने बंद रखी गयी. पुलिस द्वारा शांति को लेकर तेतरिया बाजार पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है.
सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल के जवान, तेतरिया बाजार, फौजदार चौक, हाई स्कूल चौक, खैरवा, कोठिया में गश्त करते रहे. शांति को लेकर पकड़ीदयाल एएसपी विजय कुमार, एसडीओ शैलेश कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर कन्हैया प्रसाद, मधुबन थानाध्यक्ष धनंजय चौधरी, राजेपुर थानाध्यक्ष ललित कुमार सिंह, पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष बीएन चौधरी व पुलिस बल मुस्तैद थे.
दहशत में रहे लोग: फायरिंग पथराव के बाद पूरे दिन इलाके में सन्नाटा पसरा. लोगो के चेहरे पर दहशत साफ दिख रहा था. सड़को पर विरानगी छायी हुई थी. बाजार बंद थे. लोगो में केवल मंगलवार को हुई पुलिस फायरिंग की चर्चा जुबान पर थी. पूरे क्षेत्र में पुलिस के जवान व अधिकारियों की गाडि़या दिख रही थी.
वही घटना में घायल एक मरीज तेतरिया निवासी जीतेन्द्र राम मुजफ्फरपुर से पटना रेफर कर दिया गया है.
उपद्रवियों से शख्ती से निपटेगी पुलिस : पुलिस उत्पात मचाने व अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटेगी, जिसको लेकर पुलिस अपनी कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस घटना के तैयार फुटेज व फोटो के आधार पर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों को चिह्नित कर ली है. पुलिस कप्तान ने कहा कि शांति भंग करने वाले किसी भी सूरत में नहीं बख्शे जायेंगे.
लोगों ने शांति व्यवस्था में प्रशासन का पूरा सहयोग देने का दिया भरोसा: मधुबन:तेतरिया में शांति बहाली को लेकर जिला प्रशासन काफी सजग रहा.
पुलिस कप्तान पूरे दिन तेतरिया में कैम्प कर दोनो गुटों के तमाम मतभेदों के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से बैठक बुलाकर समस्या का समाधान कर लिया. सुबह करीब 11 बजे बेतिया रेंज के डीआइजी गोपाल प्रसाद डीडीसी सुनील कुमार यादव व स्थानीय अधिकारी समय से मौजूद थे. वही दोपहर में डीएम अनुपम कुमार पहुँच शांति व्यवस्था करने में लगे रहे. पुलिस व जिला प्रशासन अपने स्तर से किसी भी तरह से कोई चूक नहीं बरत रही थी.
पुलिस कप्तान व डीआईजी के समक्ष लोगो ने घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताया. साथ ही शांति व्यवस्था कायम रखने के लिये प्रशासन का हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया.
