लाचार राहगीर, बेपरवाह अिधकारी . शहर के प्रवेश द्वार पर ही सड़क का हाल-बेहाल
बेतिया : शहर में प्रवेश अब आसान नहीं रह गया है़ भारी मशक्कत, जलालत, जद्दोजहद व जान हथेली पर रख लोग यात्रा कर रहे हैं, इसके बाद भी कितने घंटे फंसना पड़ेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है़ जी हा! एनएन पर बने गड्ढों से कुछ ऐसी की समस्याएं पैदा हो गयी हैं. यात्रा रुला देने वाली हो गयी है़ 24 घंटों से अधिक समय से कई गाड़ियां फंसी है़ं
सबसे अधिक समस्या स्कूली वाहनों को हो रही है़ बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं. मालवाहक वाहन की बात तो दूर टैक्सी, पिकअप, टेंपो जैसी छोटी गाड़ियां भी घंटों इन गड्ढों से निकलने की जद्दोजहद करती दिख रही है़ बाइक सवार लोगों का तो रुपरंग ही यह गड्ढायुक्त मार्ग बदल दे रहा है़ इसके बाद भी अभी तक इससे निजात दिलाने के लिए कोई प्रशासनिक पहल नहीं की गई है, यात्री प्रशासन व सरकार को कोस रहे है़ं शनिवार को गढ्ढे में फंसे लोगों ने कई दफा विधायक को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठ सका़ लोग इससे नाराज दिखे़
खुद शार्टकट मार रहे अफसर
बेतिया-मोतिहारी वाले इस एनएच28बी पर जानलेवा गड्ढों से बचने के लिए खुद अफसर शार्टकट मार रहे हैं. मोतिहारी या पटना जाने के लिए इस मार्ग को छोड़ वाया अरेराज का मार्ग अपनाया जा रहा है़
यहां हैं एनएच खराब
शहर से सटे बाजार समिति के सामने
मंसा टोला
लाइन होटल के सामने
बेलदारी
मछली लोक
नानोसती पेट्रोल पंप के पास
जाखिम की यात्रा
स्कूली वाहन भी घंटों गड्ढे में रहे फंसे, आसपास के लोगों ने धक्का देकर गाड़ी को निकाला
सिलेंडर लदे ट्रक भी गड्ढाें में फंसने से नहीं पहुंच पा रहे एजेंसी, ग्राहक कर रहे हंगामा
छोटे वाहन के लिए भी मुसीबत, पानी भरने से जानलेवा बन गये हैं गढ्ढे
एनएच के पास पैसा नहीं, प्रशासन करायें कार्य
एनएच निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है़ टेक्निकल बीड भी खुल गया है़ फाइनेंसीयल बीड नहीं खुलने के कारण कार्य शुरू नहीं है़ एनएच पर गढ्ढा होने और उसमें पानी भरने की जानकारी है, लेकिन विभाग से पास पैसा नहीं है कि तत्काल राहत के लिए कोई कार्य कराया जा सके़ जिला प्रशासन इसपर कार्य करा सकता है़
बाबूलाल, कनीय अभियंता
एनएच मोतिहारी खंड
