पांच एकड़ जमीन खोजने का डीएम ने दिया निर्देश
अच्छी खबर
डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुआ निर्णय, 10 एकड़ भूमि मुहैया कराने वाले सीओ को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
ये भी खुलेंगे, दें जमीन
दो एकड़ मुहैया कराने वाले मुहल्ला या पंचायत में खुलेगा जीएनएम कॉलेज
बेतिया : उच्च शिक्षा का सपना संजो रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर है. मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद जिले में अब सरकारी इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक व जीएनएम कॉलेज खुलेगा.
बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी लोकेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में इस पर चर्चा किया गया. निष्कर्ष निकला कि इंजीनियरिंग कॉलेज बेतिया अनुमंडल के किसी प्रखंड में खुलेगा. इसके लिए अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारी को निर्देश मिला कि वह अपने अपने क्षेत्रों दस एकड़ भूमि मुहैया कराएं. जो सीओ भूमि मुहैया कराएंगे उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा. डीएम ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज के संग ही जिले में पॉलिटेक्निक व जीएनएम कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव है. इसके लिए सभी सीओ को पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए 5 एकड़ एवं जीएनएम के लिए 2 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है.
डीएम ने बैठक में लापरवाह अफसरो को चेताया कि मुख्यमंत्री के सात निश्चयों के कार्य में लेट लतिफी बर्दाश्त नही होगी. डीएम ने सरकार के सात निश्चयो के तहत चल रहे विद्युत सर्वेक्षण कार्य में पीआरएस व आवास सहायकों की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को वैसे नकारा कर्मियों को चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने हेतु सख्त निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले वैसे कर्मियों को सेवामुक्त करने की कार्रवाई की जायेगी. खाद्य सुरक्षा नीति के तहत सभी लाभुकों का डाटाबेस तैयार करने की कार्रवाई की जा रही है. इसके तहत लाभुकों का बैंक एकाउंट, आधार संख्या का अपडेट किया जाना है. जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.
अतिक्रमणमुक्त होंगे जलाशय व तालाब
बैठक के दौरान एडीएम अंसार अहमद ने राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा की ़ एडीएम ने बेतिया अनुमंडल के सभी अंचलधिकारियों को उपलब्ध सभी जल स्रोतों को कार्यालय रिकार्ड के आधार पर चिन्हित कर जिला वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया. उन्होंने सीओ से इसके बाद सभी जल स्रोतों का सर्वेक्षण कर लेने को कहा है. अगर जल स्रोतों का जमाबंदी खुली है तो उस जमाबंदी को रद्द करने की कार्रवाई करने को कहा. जिले में ऐसे भी जल स्रोत है जो दबंगों द्वारा अतिक्रमित कर लिये गये है. उन सभी जल स्रोतों को अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
एलडीआरसी की कार्यप्रणाली से डीएम नाराज
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आरटीपीएस एक्ट के तहत आमलोगों को समय सीमा के अंदर निश्चित रूप से सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. समीक्षा में पाया गया कि बेतिया अंचल में दाखिल-खारिज के 24.10 प्रतिशत मामलों का समय सीमा के बाद निस्तारण किया गया है. वहीं नौतन में बिहार भवन, नई दिल्ली से प्राप्त सर्टिफिकेट से संबंधित 72॰7 प्रतिशत मामलों का समय सीमा बीत जाने के बाद निस्तारण हुआ है. जिलाधिकारी द्वारा एलआरडीसी के कार्य प्रणाली पर नराजगी व्यक्त किया गया एवं बेतिया एसडीएम को एलआरडीसी कार्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया.
