सर्वे रिपोर्ट. मानक से चार गुना अिधक िमली पानी में आयरन की मात्रा
चापाकल का पानी पीते हैं, तो अलर्ट हो जायें, पानी से अधिक आप आयरन ले रहे है़ं यहां के पानी में मानक से चार गुना अधिक आयरन घुला है़, जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है़ इसका खुलासा सर्वे रिपोर्ट से हुआ है़
बेतिया : यूं तो बेतिया की पानी में पहले से आयरन की मात्रा अधिक हैं, लेकिन हाल ही में हुए सर्वे में चौकाने वाले आंकड़े आये है़ं पीएचइडी खुद इस आंकड़े को लेकर चिंतित है़ यहां के पानी में प्रति लीटर 1.25 एमजी आयरन मिला है़ जो मानक के हिसाब से चार गुना अधिक है़ सर्वे रिपोर्ट आने के बाद विभागीय अफसर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की तैयारी में जुट गये है़ं फिलहाल शहर व प्रखंड के कुल 1888 चापाकल को असुरक्षित दर्शाते हुए, इससे पानी पीने पर रोक लगा दी गई है़
जानकारी के अनुसार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्रालय की ओर से शहर व जिले के सभी प्रखंडों में चापाकल के पानी की जांच की गई़ जांच नई दिल्ली की स्पेक्ट्रो एलेनिटकल लैब लिमिटेड संस्थान की ओर से की गई़ सभी 18 प्रखंडों के कुल 22 हजार 542 चापाकल से पानी के नमूने इकट्ठा किये गये, फिर उसकी जांच की गई़ अब रिपोर्ट आने के बाद से पीएचईडी विभाग में हड़कंप मच गया है़
यहां की पानी में ऑयरन की मात्रा मानक के हिसाब से कई गुना अधिक मिला है़ रिपोर्ट में कुल 1888 हैण्डपंपों को असुरक्षित बताया गया है़ इन हैण्डपंपों से ऑयरन की मात्रा 1.25 एमजी प्रति लीटर मिली है़ जबकि 20 हजार 654 हैण्डपंप का पानी पीने योग्य है, लेकिन ऑयरन की मात्रा इसमें भी मानक से अधिक है़
0.3 एमजी आयरन प्रति लीटर है मानक : विभागीय जानकारी के मुताबिक, प्रति लीटर पानी में ऑयरन की मानक होती है़ मानक से कम और ज्यादा ऑयरन होने की स्थिति में यह हानिकारक है़ पानी में ऑयरन का मानक प्रति लीटर 0.3 मिली ग्राम है़
पीएचइडी की ओर से लगाये गये हैं 3336 हैंडपंप : शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का दावा करने वाला पीएचइडी की ओर से जिले के 18 प्रखंडों में कुल 3336 हैंडपंप लगवाये गये हैं. इसमें से 1417 इंडिया मार्का हैंडपंप-टू व 1919 इंडिया मार्का हैंडपंप-थ्री है.
22, 542 चापाकलों के पानी की करायी गयी जांच
लीवर व ज्वाइंट पर इफेक्ट करता है ज्यादा आयरन
अधिक मात्रा में ऑयरन लेना मानव शरीर के हानिकारक है़ यह लीवर पर इफेक्ट डालता है़ इसके अलावे ज्वाइंट पर भी इसका प्रभाव पड़ता है़ कमर, घुटना आदि जोड़ से संबंधित दर्द इसके परिणाम हो सकते है़ं हालांकि बेतिया की पानी में पहले से आयरन की मात्रा अधिक है़ यहां के रहने वाले शुरू से यह पानी पीते आ रहे है़ं ऐसे में इसका खासा असर पड़े, ऐसा नहीं कहा जा सकता है़
डाॅ सन्नी सिंह, एमडी जनरल मेडिसीन
पीने लायक नहीं
1.25 एमजी प्रति लीटर पानी में मिला ऑयरन
1888 चापाकल को पीएचइडी ने िकया चिह्नित
0.3 एमजी प्रति लीटर है पानी में आयरन का मानक
लोगों से अपील किया गया है कि सरकारी हैंडपंप से पानी पिये़ं कम गहराई वाले चापाकल का पानी असुरक्षित है़ जल नमूनों की जांच में ऑयरन की मात्रा मानक से कई गुना अधिक मिली है़
भोगेंद्र मिश्र
