आप शहर के पावर हाउस चौक, राजड्योढ़ी या मीना बाजार जैसे रिहायशी इलाकों में रहते हैं तो घर में आग से बचाव के यंत्रों को रखें. कारण कि इन इलाकों में गैस रिफलिंग का कारोबार तेजी से हो रहा है़ इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
बेतिया : छपवा में जिस प्रकार गैस रिफलिंग के दौरान हादसा हुआ ठीक उसी प्रकार यहा भी हो सकता है़ इसकी बड़ी वजह नगर के कोने कोने में चल रहा रसोई गैस रिफलिंग का अवैध धंधा है़ जिसपर प्रशासन की कोई नजर नहीं है़
लिहाजा गैस रिफलिंग का यह कारोबार तेजी से बढ़ रहा है़ सुदूर इलाके को छोड़िये जिला मुख्यालय में ही हालात यह है कि महज अस्सी से नब्बे रुपये प्रति किलो रसोई गैस कही भी मिल सकता है़ गैस रिफलिंग करते वक्त अवैध कारोबारी इस बात का ख्याल भी नहीं रखते की यह एक अत्याधिक ज्वलनशील पदार्थ है और थोड़ी सी भी चूक से पूरा नगर दहक उठेगा़ रसोई गैस रिफलिंग का अवैध कारोबार खुलेआम किया जा रहा है पर प्रशासन की इस ओर नजर ही नहीं है़
लोगों का मानना है कि प्रशासन उसी वक्त जागता है जब छपवा की तरह हादसा हो जाता है. सोचने वाली बात है कि नगर के प्रमुख स्थानों पर रसोई गैस के अवैध धंधे को परवान चढ़ाया जा रहा है जहां अक्सर लोगो की भीड़ लगी रहती है़
प्रति सिलिंडर से कमा रहे 825 रुपये : रसोई गैस रिफलिंग में अवैध कारोबारियों द्वारा मनमाना रुपया वसूला जाता है़ गैस लेने वालो में अधिकतर छात्र होते है़ं इन छात्रों से एक किलो गैसे का अस्सी या फिर नब्बे रुपया लिया जाता है़ यही नहीं एक किलो गैस की जगह सात से आठ सौ ग्राम ही गैस की भराई की जाती है़ अधिकतर छात्र बाहर से आकर पढ़ाई करते हैं सो यह जानते हुए भी कि गैस कम मात्रा में दिया जाता है वे कुछ नही बोल पाते़ छात्र मनमाना रुपया देने को मजबूर है़
यहां चल रहा धंधा: रात की बात कौन करे दिन के उजाले में नगर के पावर हाउस चौक, खुदा बख्श चौक, जंगी मस्जिद और नाजनीन चौक आदि दर्जनों ऐसे स्थान हैं जहां रसोई गैस की अवैध रिफलिंग की जाती है़ न कोई रोक टोक न ही कोई पहरा बेखौफ और बेपरवाह धंधे को किया जा रहा है़
