वीटीआर के टूर पैकेज से जुड़ेगा उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य

राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण ऑथोरिटी के सदस्य सचिव ने की घोषणा एनटीसीए व वाइल्ड लाइफ की टीम ने किया उदयपुर का दौरा बेतिया : चम्पारण के इकलौते उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य को वीटीआर के टूर पैकेज से जोड़ा जाएगा़ पर्यटन के साथ साथ इस अभ्यारण्य को देश के मानचित्र पर नेचर एडूकेशन के रूप में विकसित किया […]

राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण ऑथोरिटी के सदस्य सचिव ने की घोषणा

एनटीसीए व वाइल्ड लाइफ की टीम ने किया उदयपुर का दौरा
बेतिया : चम्पारण के इकलौते उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य को वीटीआर के टूर पैकेज से जोड़ा जाएगा़ पर्यटन के साथ साथ इस अभ्यारण्य को देश के मानचित्र पर नेचर एडूकेशन के रूप में विकसित किया जायेगा़ यहां वह सारी संभावनाएं विद्यमान है जिसकी जरूरत है़
यह जानकारी राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण ऑथरिटी के सदस्य सचिव बीएस बोनल ने दी़ वे मंगलवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बता रहे थे़ श्री बोनल ने बताया की आज वे एनटीसीए और वाइल्ड लाईफ टीम के सदस्यों के साथ उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य का दौरा किए़
यहां देशी विदेशी पक्षियों के अलावा वे जानवर भी है जिन्हें पर्यटक देखकर वाइल्ड लाइफ के बारे में जानकारी हासिल कर सकते है़ं ऐसे में इसे वीटीआर के टूर पैकेज से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है़ टीटीआर को पहले ही पर्यटन के रूप में विकसित किया जा चुका है अब बारी उदयपुर की है़
वीटीआर के टूर पैकेज के साथ जुड़ जाने से उदयपुर आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी तो होगी ही खास कर शहरी परिवेश में पलने बढ़ने वाले बच्चों को इसका परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा़
टीम में एनटीसीए के आई जी डीके बंख्वाल, वाइल्ड लाइफ के डा़ समीर कुमार सिन्हा, वीटीआर के सीएफ राजवंश सिंह और एच के राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे़
वीटीआर में 95 प्रतिशत पद खाली : एनटीसीए के सचिव बीएस बोनल ने बताया की वीटीआर इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है़ सीमित संसाधनों के बलबूते वीटीआर की सुरक्षा की जा रही है़ वीटीआर में 95 प्रतिशत पोस्ट खाली है़ केन्द्र द्वारा राज्य सरकार को अविलंब खाली पड़े पोस्ट को भरने का निर्देश दिया गया है़ पूरे देश में 12 प्रतिशत ही जंगल बचे है उसमें भी राज्य का यह इकलौता व्याघ्र परियोजना है़
इसकी सुरक्षा को लेकर यहां के सभी महकमें को जागरूक रहने की जरूरत है़ राज्य सरकार की यह जिम्मेवारी बनती है कि वो वीटीआर की सुरक्षा को लेकर कारगर कदम उठाए़ केन्द्र द्वारा जो राशि भेजी जा रही है उसका ससमय उपयोग वीटीआर के हित में कराया जाये़
वीटीआर में बचे हैं 26 टाइगर: वीटीआर में अभी भी 26 बाघ बचे है़ एनटीसीए के सदस्य सचिव बीएस बोनल ने बताया कि इन बाघों की सूरक्षा की जिम्मेवारी पुरे चम्पारणवासियो की है़ बाघ राष्ट्रीय संपती है़
जंगल है तो जीवन है इसे मूल मंत्र मानकर वीटीआर की सूरक्षा करनी होगी़ राज्य का यह पहला वीटीआर है जहां कठिन परीस्िथतीयों के बाद भी 26 बाघ बचाने में वीटीआर प्रशासन कामयाब रहा है़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >