जाम में मासूमों की मौत पर भी नहीं पसीजा प्रशासन

बेतिया : शहर के छावनी जाम में फंसी प्रसूता के प्रसव होने के बाद दो मासूमों की मौत के बाद भी प्रशासन का दिल नहीं पसीजा़ छावनी में ट्रैफिक पुलिस की बात तो दूर, प्रशासन की ओर से पीड़िता की कोई खोज खबर नहीं ली गई़ बुधवार को बगहा में पीड़िता के घर पहुंचे सामाजिक […]

बेतिया : शहर के छावनी जाम में फंसी प्रसूता के प्रसव होने के बाद दो मासूमों की मौत के बाद भी प्रशासन का दिल नहीं पसीजा़ छावनी में ट्रैफिक पुलिस की बात तो दूर, प्रशासन की ओर से पीड़िता की कोई खोज खबर नहीं ली गई़ बुधवार को बगहा में पीड़िता के घर पहुंचे सामाजिक विकास संगठन ने लोगों ने इसपर अफसोस व्यक्त की़ संगठन के अध्यक्ष निखिल कुमार ने बताया कि घटना के बाद भी कोई प्रशासनिक पहल नहीं किया गया़

कोई भी अधिकारी मो़ अमीन के घर नहीं पहुंचा है, मुआवजा दिलाने की बात तो दूर है़ पीड़ित परिवार घटना के बाद से ही सहमा हुआ है़ श्री कुमार ने प्रशासन ने मांग करते हुए कहा कि ओवरब्रिज बनने में अभी काफी समय लगेगा, लेकिन तब तक प्रशासन की ओर से छावनी में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दी जाये़ ताकि आगे से किसी की मौत न हो़ बता दे कि बीते दिनों बगहा के मो़ अमीन अपनी गर्भवती पत्नी को प्र्रसव कराने के लिए सदर अस्पताल आ रहे थे़ लेकन, छावनी जाम में इनका एम्बुलेंस दो घंटे फंस गया़

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