प्राचार्य रूम सेे एक्स-रे मशीन पहुंची ओपीडी
एमसीआई के दौरा की सूचना को लेकर कई माह से प्राचार्य कक्ष में पड़ी एक्स-रे व अल्ट्रा सोनोग्राफी मशीन को आनन-फानन में ओपीडी में ले जाया गया. इससे पहले यह मशीन प्राचार्य कक्ष की शोभा बढ़ा रही थी.
महिला सर्जिकल वार्ड का खुला ताला
अमूमन बंध्याकरण शिविर के दौरान खुला दिखने वाला फीमेल सर्जिकल वार्ड का भी ताला खुल गया. सफाई भी की गयी. अभी तक यह वार्ड बंद था. भले ही इससे पहले मरीज को जमीन पर सोना पड़ा हो.
आइसीयू खुला, एक मरीज भी शिफ्ट
डीएम के निर्देश, सांसद के आश्वासन के बाद भी नहीं खुलने वाला आईसीयू गुरुवार को एमसीआई के डर से खुल गया. आनन-फानन में मेल मेडिकल वार्ड से एक मरीज भी इसमें शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन जैसे ही एमसीआई के नहीं आने की जानकारी मिली. मरीज को बाहर निकाल, आईसीयू में ताला जड़ दिया गया.
गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में गुरूवार को एमसीआई के आने की थी सूचना
दौरा को लेकर मचा था हडकंप, दुरूस्त हो रही थी व्यवस्था
मौजूद हो गये थे सभी डॉक्टर, कर्मी व स्टॉफ भी जुटे थे
जो भी कमियां है, उसे दुरूस्त किया जा रहा है. एमसीआई टीम के आने के 24 घंटे पहले उन्हें इसकी सूचना मिलती है. फिलहाल कोई सूचना नहीं है.
डा राजीव रंजन प्रसाद, प्राचार्य गवमेंर्ट मेडिकल कॉलेज
शोरूम पहुंचा एंबुलेंस, आये पंखे
गरमी के इस मौसम में मरीजोें के हो-हल्ला व अखबारों में खबर छपने के बाद भी वार्ड में पंखे नहीं लग सके. लेकिन, गुरूवार को मरीजों को लाने- ले जाने वाली एम्बुलेंस शोरूम पहुंच गयी और पंखों की खेप लेकर अस्पताल पहुंची.
ऐसी चुस्ती रोज दिखती तो नहीं होती मरीजों को परेशानी
बेतिया़ : यह चार दृश्य बानगी के तौर पर गवमेंर्ट मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं को दिखाने के लिए काफी है. काश यह व्यवस्था, सुविधा असल में मरीजों के लिए होती तो यह बेहतर पहल समझी जाती.
लेकिन, यह भागम-भाग, तैयारी, दुरूस्त हो रही व्यवस्था, इमरजेंसी व ओपीडी में डॉक्टरों की फौज, वार्डों में साफ-सफाई सिर्फ और सिर्फ महज एमसीआई यानी की भारतीय चिकित्सा परिषद के डर का नतीजा है. जिसके मेडिकल कॉलेज में दौरे पर आने की गुरूवार को सूचना थी. लिहाजा सभी डॉक्टर की फौज मौजूद थी.
प्राचार्य भी समय से आ गये थे. स्टॉफ अपने-अपने वार्ड में लगे हुए थे. लेकिन, दोपहर दो बजे के बाद जैसे ही एमसीआई के नहीं आने सूचना मिली, वैसे ही सभी तैयारी थम सी गयी.
