बगहा : आजादी के 68 वर्ष बीतने के बाद भी बगहा शहर के मिर्जाटोला ( गोडि़यापट्टी) मुहल्ला विभिन्न मौलिक अधिकार के सुविधाओं से महरूम है. कहने के लिए शहर है, लेकिन देहात (पंचायत)जैसा भी इस मुहल्ला में सुविधा नहीं है.
सरकार द्वारा साक्षरता अभियान चला कर महिला व पुरुषों को एक तरफ साक्षर बनाया जा रहा है. लेकिन मिर्जाटोला मुहल्ला में बच्चों को पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल तक नहीं है. इतना हीं नहीं भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इस मुहल्ला में गंदा पानी बहाव के लिए कोई नाली की सुविधा नहीं है.
जिसके चलते लोग परेशान है.
इस मुहल्ला में बीमारी फैलने की आशंका है. इस मुहल्ला में चलने के लिए पीसीसी सड़क तक नहीं है. जिसके चलते बरसात के समय आने- जाने वाला रास्ता में पानी लग जाता है. इस वार्ड में जो भी प्रतिनिधि हुए इस पर ध्यान हीं नहीं दिये. केवल चुनाव में वोट मांगने आते है. आज मुहल्ले वासियों ने डीएम को पत्र लिख कर स्कूल निर्माण कराने , पक्का सड़क निर्माण कराने तथा नाली निर्माण करने की मांग किया है.
मुहल्ले वासियों ने एसडीएम धर्मेंद्र कुमार, डीएम प. चंपारण, सभापति बगहा, विधायक बगहा तथा सांसद वाल्मीकिनगर को पत्र लिखा है. मुहल्ले वासियों में फरिदा कौफी आजमी, अब्दुल वाहिद उर्फ झुन्ना मियां, सुमैया परवीन, नाजिया खातून, जरीना खातून, जाहिदा खातून, आमीना खातून आदि शामिल है. पत्र में लिखा है कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया तो कुछ महिला सड़क पर उतर प्रदर्शन करेंगे और जवाबदेही प्रशासन की होगी. एसडीएम धर्मेंद्र कुमार ने कार्यपालक पदाधिकारी कपिलदेव कुमार को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
