नगर परिषद . आसान नहीं होगा शहर में नाला उड़ाही का काम

अतिक्रमण बनेगा समस्या भले ही इस बार शहर में नाला उड़ाही के लिए नप पूरी तरह से तैयार हो गया, 36 लाख रुपये खर्च करने की योजना भी बन गयी है, लेकिन नाला उड़ाही इतना आसान नहीं है. नालों पर अतिक्रमण है. कहीं मकान, कही होटल तो कही बहुमंजिली इमारते नालों पर बनी हुई हैं. […]

अतिक्रमण बनेगा समस्या

भले ही इस बार शहर में नाला उड़ाही के लिए नप पूरी तरह से तैयार हो गया, 36 लाख रुपये खर्च करने की योजना भी बन गयी है, लेकिन नाला उड़ाही इतना आसान नहीं है. नालों पर अतिक्रमण है. कहीं मकान, कही होटल तो कही बहुमंजिली इमारते नालों पर बनी हुई हैं. ऐसे में बिना अतिक्रमण हटाये, ठीक तरीके से नाला उड़ाही के बारे में सोचना भी बेमानी है.
बेतिया :वैसे तो अभी गर्मी के दिन में नगर परिषद क्षेत्र में जल जमाव की समस्या सामने तो नहीं आ रही है, फिर भी शहर में नालों के अतिक्रमण की अबाध गति से जारी है. अतिक्रमण करने की गति ऐसी हीं रही तो आनेवाले बरसात में शहर के सड़कों का जलमग्न होना लाजिमी है .इसके बावजूद भी नगर प्रशाासन नालों पर होने वाले अतिक्रमण को रोकने के प्रति गंभीर नहीं है.
गैर योजनाबद्ध तरीके से बस रहीं नयी कॉलोनियां : शहर में बगैर योजना बद्ध तरीके से आये दिन बन रहे नई कॉलोनियां बस रही है. मकान निर्माण मानक के अनुरूप नहीं हो रहे हैं. इसके लिए यहां के लोगों में सरकारी जमीन को हडपने की एक होड सी लग गयी है.
यहां मुख्य नालों पर हुआ है अतिक्रमण : नजर दौड़़ाई जाय तो किसुन बाग से नगर थाना होते हुए एक नाला द्वारदेवी चौक फिर राज हाई स्कू ल के समीप से गुजरते हुए लालबाजार तीन लालटेन चौक के मुख्य नाले में मिलती है. लेकिन यहां कई जगह नालो पर अतिक्रमण कर मकान बना लिये है.
हैरत तो यह है कि शहर के एक चर्चित आवासीय होटल का किचेन ही ं पुरी तरह से नाला पर बना हुआ है. यहां तक नालो में बहकर आनेवाले कचरे पॉलीथीन बैग नाला पर लगाये गये स्लैब पर अटक जाता है जिससे पानी का बहाव हीं बंद हो जाता है. यही हाल तीन लालटेन चौक से आगे भगवती नगर तक जानेवाली मुख्य नाला का भी है.
शहर में कहीं 15 से 18 फिट का चौड़ा नाला मुख्य नाला के पास जाते जाते 10 फिट में तब्दील हो गया है. हैरत की बात तो यह है कि स्टेशन चौक के समीप हीं नाला पर भरकर दुकान बनाने का काम किया गया है तो उर्वशी सिनेमा के आगे नाला पर हीं एक आलीशान होटल का निर्माण करा दिया गया है.यहीं हालत आमना उर्दू हाई स्कूल के पास की भी है जहां नाला को हीं भरकर मकान बना दिया गया है.
इओ की सुस्ती से फंसा है मामला
अधिकारियों को अपने मेल में लेकर नाला की भूमि का अतिक्रमण कुछ लोगों ने कर लिया है. इससे नाला उड़ाही में दिक्कत तो होगी ही. बोर्ड ने अतिक्रमण हटाने व नाला उड़ाही का प्रस्ताव पारित कर दिया है, लेकिन ईओ की सुस्ती के चलते अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है.
जनक साह, नप सभापति
माॅनसून पूर्व हटेगा अतिक्रमण
नाला के अतिक्रमण को चिन्हित करने के लिए अमीन को निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट के आधार पर मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटवाया जायेगा.
विपिन कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी

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