14 घरों में बजने वाली थी शहनाई
बगहा : शहनाई की धुन बजने के पूर्व कई परिवारों के यहां छाती पीट- पीट कर रोने का चित्कार सुनाई दे रहा है. युसुफ मियां ने बताया कि अगले माह उनकी बेटी शबनम एवं बेटे साहेब का निकाह होने वाली थी. लेकिन उपर वाले का क्या बिगाड़ा था कि शादी के लिए रखा नगद, कपड़ा सब जल कर राख हो गया. वैसे गांव में वंशी राम की पुत्री आशा कुमारी, संतलाल गोंड की पुत्री रंजु कुमारी, लक्ष्मण पटेल की पुत्री पूनम कुमारी,
नगीना पासवान की पुत्री लक्ष्मीणा कुमारी, मजीद मियां की पुत्री रुबीना खातून, हीरा चौधरी की पुत्री प्रभावती कुमारी, यदुनी चौधरी की पुत्री कौशल्या कुमारी, रघुनी सहनी की पुत्री दीपा कुमारी आदि की शादी अगले माह में होने वाली थी. परंतु आग की लपट में इन सबों की मां- पिता की तैयारियों पर इस कदर कहर बरपाया कि शहनाईयों की गुंज के पूर्व सभी अरमानों पर पानी फिर गया. अब इनके ससुराल वालों पर निर्भर है कि कितनों की हाथ पीले करवाने में अपने संबंधियों के साथ गले मिलेंगे.
अग्निपीिड़तों से मिलने पहुंचे सांसद व विधायक
तरकुलवा गांव के अग्निपीडि़तों के बीच शनिवार की शाम सांसद सतीशचंद्र दूबे एवं विधायक राघव शरण पांडेय पहुंचे. दोनों ने अलग- अलग प्रशासन से बातचीत की एवं शीघ्र हीं अग्निपीडि़तों की सहायता के लिए अपने स्तर से प्रयास किया. विधायक ने अपने स्तर से पीडि़तों के बीच चूड़ा- गुड़ का वितरण अपने सहयोगी कामेश्वर कुमार तिवारी, बच्चा पांडेय, राजीव मिश्रा, नन्हे मिश्र, मालिक मिश्र, संजीव मिश्र की देखरेख में कराया. विधायक ने सिविल सर्जन से भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की मांग की.
अग्निपीिड़तों के उपचार में लगी मेडिकल टीम
बगहा. तरकुलवा गांव के अग्निपीडि़तों के उपचार के लिए स्वास्थ्य टीम को भेजा गया है. एसडीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैरोगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. केके शुक्ला के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम गठित की गयी है. हालांकि अग्निपीडि़तों के उपचार से संबंधित दवा, इंजेक्शन व एंबुलेंस के साथ चिकित्सीय टीम को रवाना किया गया है. डा. केके शुक्ला ने बताया कि अग्निपीडि़तों के उपचार से संबंधित सभी आवश्यक दवा उपलब्ध कराया गया है. टीम में स्वास्थ्य कर्मी अशोक चौधरी सहित अन्य शामिल है.
आग की भेंट चढ़ी अष्टयाम की तैयारी
अखंड कीर्तन व अष्टयाम की तैयारी भी हवन के पूर्व लपट की भेंट चढ़ गयी. तरकुलवा गांव के विपिन उपाध्याय व विक्रमा उपाध्याय के घर चुनाव के बाद अखंड अष्टयाम की तिथि मुकर्रर थी. पूजन की सारी तैयारी कर परिजन आश्वस्त थे. लेकिन कब क्या होगा यह किसके वश मंे है. वहीं हुआ एवं सारी तैयारी एक क्षण में समाप्त हो गयी.
