सद्भावना को यज्ञ जरूरी: पराशर

चनपटिया : धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो, जय माता दी जैसे गगन भेदी जयकारों के साथ बरोहीया माई स्थान पर होने वाले शतचंडी महायज्ञ के लिए कलश यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा का शुभारंभ स्वामी उपेंद्र पराशर के द्वारा किया गया. इस अवसर पर […]

चनपटिया : धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो, जय माता दी जैसे गगन भेदी जयकारों के साथ बरोहीया माई स्थान पर होने वाले शतचंडी महायज्ञ के लिए कलश यात्रा निकाली गयी.

कलश यात्रा का शुभारंभ स्वामी उपेंद्र पराशर के द्वारा किया गया. इस अवसर पर श्री पराशर ने कहा कि कलयुग में शांति एवं सदभावना के लिए यज्ञ जररुी है. यज्ञ से मनुष्य के इह लोक एवं परलोक दोनों ही सुधर जाते हैं.
कलश यात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, बाजे-गाजे के साथ 1001 कुंआरी कन्याएं शामिल हुईं. यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर बरोहिया, लोहियरिया आदि जगहों का भ्रमण करते हुए भंगहा पोखरा से जल भरकर पुन: यज्ञ स्थल तक पहुंचा.
मौके पर महायज्ञ पूजा समिति अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार दूबे, सचिव पिंटू कुमार, उपाध्यक्ष अमरदेव प्रसाद चौरसिया, संयुक्त सचिव अजय कुमार, कोषाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रसाद कुशवाहा, व्यवस्थापक शंकर प्रसाद कुशवाहा, मीडिया प्रभारी वशिष्ठ कुमार समेत विजय ठाकुर, विनोद पांडेय, जगन्नाथ यादव, वीर महतो, जितेंद्र ठाकुर, उपेंद्र ठाकुर, विनय शंकर शर्मा, अशोक कुशवाहा, लालबाबू कुशवाहा, अजय हजरा, बिगू बैठा, संजीव कुमार ठाकुर, अखिलेश , प्रकाश कुमार समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे.

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