मदद को चीख रहे थे रामचंद्र

गौनाहा : भूमि विवाद को लेकर अपने चाचा रामचंद्र की जान लेने वाला आरोपित श्रीप्रताप बर्बरता की सीमा को पार कर रहा था. बुरी तरह से पिटाई के बाद लहूलुहान चाचा के गले में गमछा बांध उसे घसीटना भी शुरू कर दिया. लेकिन मौके पर मौजूद लोग महज तमाशाबीन बने रहे. इतना ही नहीं घटनास्थल […]

गौनाहा : भूमि विवाद को लेकर अपने चाचा रामचंद्र की जान लेने वाला आरोपित श्रीप्रताप बर्बरता की सीमा को पार कर रहा था. बुरी तरह से पिटाई के बाद लहूलुहान चाचा के गले में गमछा बांध उसे घसीटना भी शुरू कर दिया. लेकिन मौके पर मौजूद लोग महज तमाशाबीन बने रहे.

इतना ही नहीं घटनास्थल से महज 300 मीटर दूर पर ही विवाद हो रहा था. लेकिन पुलिस भी मौके पर नहीं पहुंची और न तो किसी ग्रामीण ने पुलिस को इसकी सूचना दी. ताकि समय रहते विवाद खत्म हो सके. नतीजा गुस्से में हैवान बना श्रीप्रताप अपने ही चाचा के गले में गमछा बांध उन्हें घसीटना शुरू कर दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रीप्रताप अपने चाचा को घसीट रहा था और इसकी मां पीटाई करते हुए चल रही थी. थाने पहुंचते-पहुंचते रामचंद्र के शरीर में जख्म बढ़ गये और उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

पुलिस ने भी नहीं सुनी चीख
थाने से महज 300 मीटर दूर ही विवाद हो रहा था. रामचंद्र मदद के लिए चीख रहा था. स्थानीय ग्रामीण तो दूर पुलिस ने भी रामचंद्र की चीख नहीं सुनी और उसकी मौत हो गयी.
रामचंद्र की हैं दो बेटियां
भूमि विवाद में अपनी जान गंवाने वाले रामचंद्र की दो बेटियां है. दोनों की शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में रहती है. घटना के समय रामचंद्र की पत्नी कहीं गयी हुई थी.

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