तिरुपति सुगर्स : बिजली देने को तैयार, जंग खा रहे उपकरण

बगहा : तिरूपति सुगर्स लिमिटेड की विद्युत उत्पादन यूनिट दो वर्ष पूर्व बन कर तैयार हो गयी. फिलवक्त इसमें छह मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है. बिजली उत्पादन यूनिट के लिए मिल प्रबंधन ने तकनीकी जानकार, कर्मचारी एवं अधिकारी की भी बहाली कर दी है. पर, सब कुछ विभागीय पेंच की वजह से उलझा हुआ […]

बगहा : तिरूपति सुगर्स लिमिटेड की विद्युत उत्पादन यूनिट दो वर्ष पूर्व बन कर तैयार हो गयी. फिलवक्त इसमें छह मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है. बिजली उत्पादन यूनिट के लिए मिल प्रबंधन ने तकनीकी जानकार, कर्मचारी एवं अधिकारी की भी बहाली कर दी है. पर, सब कुछ विभागीय पेंच की वजह से उलझा हुआ है. मिल प्रबंधन को आर्थिक नुकसान हो रहा है. करीब 50 करोड़ की लागत से यूनिट स्थापित किया गया है.

इसमें बहाल कर्मचारी वेतन भी ले रहे हैं. लेकिन बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है. क्योंकि बिजली विभाग की ओर से मिल के विद्युत उत्पादन यूनिट से विद्युत सब स्टेशन तक तार – पोल की व्यवस्था नहीं हो पा रही है. इस वजह से विद्युत उत्पादन की अनुमति नहीं मिल पा रही है.

अगर अभी विभागीय अनुमति मिल जाये तो बिजली का उत्पादन छह मेगावाट आरंभ हो जायेगा. तिरूपति सुगर्स के प्रबंधन निदेशक दीपक यादव ने बताया कि बिहार सरकार के असहयोग के कारण प्रबंधन को विद्युत यूनिट लगाने में काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. यह नुकसान कब तक उठाना पड़ेगा , कहा नहीं जा सकता.

क्योंकि विभाग की ओर से कोई आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है. विद्युत उत्पादन आरंभ करने के लिए अभ्यावेदन राज्य सरकार को दिया गया है. लेकिन वह संचिका ठंडे बस्ते में डाल दी गयी है. जबकि विभागीय अनुमति के बाद ही तिरूपति सुगर्स में विद्युत उत्पादन यूनिट की स्थापना आरंभ हुई थी.

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