नेपाल से आयी लाइन में गड़बड़ी, नरकटियागंज व बगहा में 36 घंटे से बिजली नहीं

बगहा/रामनगर : नेपाल के सूर्यपरा से रामनगर ग्रिड को मिलने वाली बिजली की लाइन में गड़बड़ी आ गयी है. इसकी वजह से 36 घंटे से बगहा व नरकटियागंज अनुमंडल के सभी शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली नहीं है. अभी तक फॉल्ट कहां हैं, इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को नहीं मिल पायी है. […]

बगहा/रामनगर : नेपाल के सूर्यपरा से रामनगर ग्रिड को मिलने वाली बिजली की लाइन में गड़बड़ी आ गयी है. इसकी वजह से 36 घंटे से बगहा व नरकटियागंज अनुमंडल के सभी शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली नहीं है. अभी तक फॉल्ट कहां हैं, इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को नहीं मिल पायी है. इसलिए कब से बिजली आयेगी, इसको लेकर अभी तक अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है.
बिजली विभाग के इंजीनियर विशाल चौधरी ने बताया, एक लाख 32 हजार लाइन में तकनीकी खराबी है. ब्रेकर में फॉल्ट की सूचना मिली है. इसे ठीक किया जा रहा है. मोतिहारी से तकनीकी जानकारों की टीम आयी है. बगहा से भी टीम भेजी गयी है. वहीं, कार्यपालक अभियंत (संचरण) राजेश प्रसाद सिंह ने बताया कि फॉल्ट खोजा जा रहा है. यह लाइन वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगल से हो कर गुजरी है. संभव है किसी टावर पर पेड़ की डाली टूट कर गिरी होगी, जिस वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है. सभी विद्युत टावरों की जांच की जा रही है.
उन्होंने बताया कि लक्ष्मीपुर के समीप स्थित जंगल में पेड़ गिरने की सूचना मिली थी. इसे हटा दिया गया, उसके बाद लाइन चार्ज किया गया, लेकिन आपूर्ति बाधित रही. जंगली रास्ता व घने जंगलों के कारण गड़बड़ी ढूंढ़ने में परेशानी आ रही है. संचरण लाइन में आयी गड़बड़ी को ढूंढ़ने में रामनगर विद्युत ग्रिड के सहायक अभियंता संजय प्रसाद, कनीय अभियंता ग्रिड मुकेश कुमार रंजन, जेइ रामनंदन नायक, जेइ धर्मेंद्र कुमार सिंह व तकनीकी सहायक नरेश प्रसाद समेत अन्य को लगाया गया है.
लाखों लोग अंधेरे में, पानी की किल्लत
बगहा/रामनगर : नेपाल से आनेवाली बिजली से बगहा व नरकटियागंज के सभी फीडरों को आपूर्ति होती है, जिन फीडरों को रामनगर से बिजली की आपूर्ति की जाती है. उनमें बगहा, नरकटियागंज, लौरिया, चौतरवा, गौनाहा व रामनगर शामिल है. बिजली नहीं रहने से लाखों लोग प्रभावित हैं.
सबसे ज्यादा परेशानी पानी को लेकर हो रही है, क्योंकि बिजली नहीं आने के कारण मोटर नहीं चल रहे हैं. मोबाइल डिस्चार्ज हो गये हैं. बिजली नहीं रहने का फायदा जनरेटर संचालकों को मिल रहा है, जो मनमाना किराया वसूल रहे हैं. लोग पानी के लिए किराये पर जनरेटर मंगा रहे हैं, लेकिन काम अधिक होने की वजह से जनरेटर नहीं मिल रहा है.

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