बंटवारे व नियुक्ति में अनियमितता का मामला
बेतिया : हाइकोर्ट के आदेश पर स्थानीय महेश्वर नाथ महामाया महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता की स्थिति एवं नियुक्ति में अनियमितता मामले की जांच शनिवार से शुरू हो गयी. बाब साहेब भीम राव आंबेडकर बहार विश्वविद्यालय के निर्देशों के आलोक में गठित तदर्थ समिति ने आज आरोपकर्ता अख्तर हुसैन की दलीलों को सुना और उनके आरोपों का लिखित बयान भी लिया.
तदर्थ समिति में शामिल सांसद सतीश चंद्र दुबे, उप विकास आयुक्त जवाहर प्रसाद, एम जे के कॉलेज के प्राचार्य डा़ॅ रामप्रताप नीरज, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि एवं एम एन एम महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो़ गीता नाथ ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान आरोपित शिक्षक राकेश वर्मा से भी पूछताछ एवं उनका पक्ष जाने बिना निर्णय लेने के मामले पर समिति ने अनुचित समझा. समिति ने आगामी 15 जून को आरोपित राकेश वर्मा के पक्षों को सुनने की तिथि मुकर्रर की.
मौके पर सदस्य सांसद सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि आरोपकर्ता एवं आरोपित का पक्ष सुनने के साथ हीं कॉलेज के कतिपय कर्मियों की भी बात की जानकारी लेना श्रेयस्कर होगा. जिसपर समिति ने अपनी सहमति जताते हुए 15 जून को हीं कॉलेज में हीं सुनवाई करने का निर्णय लिया. समिति के सचिव उप विकास आयुक्त जवाहर प्रसाद ने बताया कि अख्तर हुसैन ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि राकेश वर्मा की नियुक्ति अनियमित रुप से किया गया है.
अनुदान राशि के भुगतान में भी अनियमितता बरती गयी हैं और राकेश वर्मा को गलत तरिके से शिक्षक प्रतिनिधि के रुप में चयनित कर लिया गया है. मामले में माननीय उच्च न्यायालय में विश्वविद्यालय को अपने स्तर से जांच कर निर्णय लेने का आदेश दिया.
शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच में सहयोग करें कुलसचिव
मुजफ्फरपुर. बीआरए बिहार विवि प्रशासन से विजिलेंस एसपी ने नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच में सहयोग करने की अपील की है. इस बाबत पटना में सूबे के सभी विवि के कुलसचिवों की बैठक बुलायी गयी थी. बैठक से लौटने के बाद कुलसचिव डॉ विवेकानंद शुक्ला ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश पर विजिलेंस को करीब नौ हजार नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच करना है. इसके लिए कुलसचिवों की बैठक बुलायी गयी थी.
इसमें कहा गया कि जांच टीम जायेगी, तब पूरी तत्परता के साथ प्रमाण पत्रों की जांच कराने में सहयोग करेंगे, ताकि समय पर हाई कोर्ट को जवाब दिया जा सके. कुलसचिव ने कहा कि इसमें पूरा सहयोग किया जायेगा.
