बगहा : इंटर आर्टस का रिजल्ट देखने के लिए शनिवार की दोपहर से हीं यहां के विभिन्न साइबर कैफे में छात्रों की भीड़ रही. 3.15 बजे रिजल्ट अपलोड होने के साथ हीं छात्रों की उत्सुकता बढ़ गयी. हालांकि बीएसएनएल ने एक बार फिर दगा दिया. बीएसएनएल का ब्रॉड बैंड लेने वाले साइबर संचालक बेहद निराश हुए.
साइबर संचालक मनोज कुमार ने बताया कि जब भी कोई रिजल्ट आता है. बगहा में बीएसएनएल फेल रहता है. अब बीएसएनएल की सेवा पूरी तरह से खराब हो गयी है. बीएसएनएल के उप मंडल अभियंता परवेज आलम ने बताया कि सड़क निर्माण कराने वाली कंपनी ने एक किमी तक केबुल काट दिया है. इस वजह से सेवा ठीक से संचालित नहीं हो पा रही है.
उधर, रिजल्ट दिखा कर कमाई करने वाले साइबर संचालकों ने अन्य कंपनियों की नेट सुविधा भी ले रखी थी. इस वजह से छात्रों को कोई खास असुविधा नहीं हुई. बगहा दो में रेलवे ढाला के समीप आरटेक संस्थान में कई छात्रों ने आ कर अपना रिजल्ट देखा. पं. उमाशंकर तिवारी महिला इंटर महाविद्यालय के प्रिंसिपल डा अरविंद कुमार तिवारी ने बताया कि मेरे संस्थान की छात्राओं का रिजल्ट काफी बेहतर आया है.
परीक्षा में शामिल सभी छात्राएं प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुई हैं. बाबाभूत नाथ इंटर कॉलेज के सचिव मदन प्रसाद ने बताया कि छात्रों की कठिन परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है कि मेरे संस्थान के सभी छात्रों का रिजल्ट बेहतर आया है.
मोबाइल पर देख लिया रिजल्ट
मोबाइल पर इस बार अधिकांश छात्रों ने अपना रिजल्ट देख लिया. छात्रों ने बताया कि साइबर संचालकों मनमानी से बचने के लिए मोबाइल में नेट पैक डलवा कर रिजल्ट देख लिये. इंटर के छात्र विकास कुमार मिश्र का इंटर में 71.4 प्रतिशत अंक आया है. उसने बताया कि मैंने अपना रिजल्ट मोबाइल पर हीं देख लिया. हालांकि उसकी कॉपी कराने के लिए जब वे कैफे में गये तो रिजल्ट की प्रति की फोटो कॉपी निकालने के लिए 5 रूपये लिये गये.
35 रुपये में बिका रिजल्ट
बगहा एक एवं दो के साथ ग्रामीण इलाकों में मोबाइल रिपेयरिंग के दुकानों में भी रिजल्ट बिका. 20 से लेकर 35 रुपये तक इंटर के रिजल्ट की बिक्री हुई. छात्र अभिषेक कुमार ने बताया कि नेट पर रिजल्ट आने से साइबर संचालकों की मनमानी बढ जाती है. वे अपने हिसाब से रिजल्ट देखने के लिए रेट निर्धारित करते हैं.
जबकि एक साइबर संचालक अनुप कुमार ने बताया कि बिजली की स्थिति ठीक नहीं है. इस लिए रिजल्ट देखने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था की गयी थी. इसमें भी खर्च आता है. ऐसे में 20 रूपये प्रति छात्र की दर से रिजल्ट दिखाया गया.
