बेतिया/गौनाहा : शराबी पति रोज शाम को घर आकर किचकिच करता था. उसकी आदतों से पत्नी सावित्री के संग पूरा परिवार आजिज था. शराब उसके परिवार के घर-परिवार की कलह की वजह बन गयी थी. पति बाला महतो के शराब पीने की आदत से आजिज सावित्री ने रविवार को साहस दिखाया.
पति के मुख पर कालिख पोती, जूते का हार पहनाया और गांव में घुमाने के लिए निकल पड़ी. सावित्री के इस साहस को देख गांव की अन्य महिलाओं भी साहस जुटा घर की चौखट पाकर साथ हो ली और अवैध शराब के खिलाफ मोरचा खोल दिया.
महिलाओं ने दिया जागरुकता का संदेश
गौनाहा के दोमाठ गांव की सावित्री की अगुवाई में निकली महिलाओं ने शराब के खिलाफ जागरुकता का संदेश दिया. अनमोल जीविका समिति की इस रैली का नेतृत्व कर रही मुखिया सुषमा देवी, सरपंच राम प्रया देवी, वार्ड सदस्य कुसुमी देवी, नीरा देवी ने बताया कि महिलाएं दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है.
जीविका समिति के अध्यक्ष नंदा देवी, सुनैना, प्रेमा देवी, नीरमा देवी, मंजु देवी, संजू देवी आदि ने पुलिस के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस अवैध शराब के धंधेबाजों से पैसा लेकर सरेआम शराब की बिक्री करवा रही है. यदि शराब व जुआ पर रोक नहीं लगी तो दोमाठ गांव की महिलाएं कानून को अपने हाथ में लेकर अवैध शराब के धंधे बाजों से स्वयं निपटेगी.
यहां तक कि जुआ व शराब का सेवन करने वाले पति-पुत्र सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट भी कर सकती है. मौके पर उपस्थित थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता ने कहा कि महिलाओं द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है. इसे समाज में महिलाओं में जागरूकता के प्रति एक अच्छी संदेश जायेगी.
