जमीन फटने के बाद कई लोगों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजा
मधुबनी : प्रखंड के बरवा पंचायत के घुसरी गांव में जमीन फटने को लेकर गांव में अभी भी लोग दहशत में हैं. कई लोगों ने अपने घरों से बच्चों को नाते रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है. लोग इसे किसी बड़ी अनहोनी का संकेत मान रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि धरती मां नाराज हो गयी हैं. इस वजह से धरती फटी है. हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक उस गांव के बांके खरवार के घर के समीप पीसीसी सड़क भटने के कारण आदि की पड़ताल नहीं की जा रही है. इसको भी लेकर लोगों में आक्रोश है.
जहीर खरवार का कहना है कि रात में कर-कर की आवाज कर जमीन फटी. जमीन फटने की घटना को लेकर गांव के लोग काफी डर गये हैं. आस पड़ोस के गांव वाले भी देखने के लिए आ रहे हैं. लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई नहीं आया हैं.
झापस खरवार का कहना है कि वर्ष 2005 में सरकारी योजना से इस गांव में पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था. पीसीसी सड़क में करीब 10 फिट तक दरार आयी है.नवल शर्मा का कहना है कि दुखद बात यह है कि अब तक कोई घुसरी गांव में नहीं आये हैं.
गांव के लोग रात भर जाग के गुजारते हैं और अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों को इसकी भनक तक नहीं है. कोई भी गांव के लोगों की पीड़ा जानने के लिए नहीं आया है.
रामानंद यादव का कहना है कि बांके खरवार के घर के सामने जमीन फटी है. देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गयी है. जिस जगह पर जमीन फटी है , वहां लगातार कर- कर की आवाज आ रही है.
हो सकता है कि यह किसी बड़ी अनहोनी का संकेत हैं.
सुखल यादव का कहना है कि जमीन फटने के कारण लोग काफी डर गये हैं. इस लिए गांव के कई लोग अपने बच्चों को अपने नाते – रिश्तेदारों के यहां भेज दिये हैं.
तेतरी देवी का कहना है कि जमीन से इस तरह की आवाज निकली है, पहले मैं कभी नहीं सुनी थी. भूकंप के बाद से हीं जमीन में दरार आ गयी थी. यह दरार रोज बढ़ रही है. इस लिए डर लगता है.
बोले बीडीओ
भाई मैं तो अभी यहां नया-नया आया हूं. मुङो जमीन फटने के बारे में कोई सूचना नहीं है. वैसे भी यह आपदा का मामला है. इसके बारे में सीओ ही बतायेंगे.
राहुल कुमार, बीडीओ मधुबनी
