सहमे हैं गांव के लोग, एक बच्चे की हो चुकी है मौत
बगहा/वाल्मीकिनगर : वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगल के समीप बसे भेड़िहारी समेत उसके आसपास के गांवों में पिछले तीन दिनों से दहशत का आलम है. बाघ के आने की सूचना से लोग भयभीत हैं. इसी बीच शनिवार की सुबह भेड़िहारी रोहुआ टोला के ललन यादव के घर में तेंदुआ घुस गया.
तेंदुए ने बकरी को मार डाला. यह महज संयोग के घर के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे. तेंदुआ घर के बाहर वाले कमरे में बांधी गयी बकरी पर हमला किया. बकरी चिल्लाने लगी तो घर के लोग हल्ला किये उसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया. बकरी की मौत हो गयी. रेंजर सुनील कुमार सिंहा ने बताया कि तेंदुए के हमले सक बकरी की मौत की सूचना मिली है. पशुपालक ललन राम ने इस आशय का एक आवेदन वन विभाग के कार्यालय में दी है. जांच – पड़ताल की जा रही है. वन आश्रणी के आस पास बसे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है. भेड़िहारी समेत आस पास के इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया गया है. लेकिन कहीं से भी तेंदुए की गतिविधि की जानकारी नहीं मिल रही है.
बच्चे को मारा था तेंदुए ने
विगत 21 मई की रात पौने नौ बजे के आसपास इसी गांव के योगेंद्र चौधरी के 10 वर्षीय पुत्र पप्पू कुमार को तेंदुए ने मारा था. पप्पू शौच करने के लिए घर से बाहर निकला था. तो मक्का के खेत से निकल कर तेंदुआ हमला कर दिया था. हालांकि गांव के लोग बाघ की सूचना दिये थे.
वन विभाग की टीम ने जब इसकी जांच पड़ताल आरंभ की तो पता चला कि पप्पू पर हमला करने वाला बाघ नहीं तेंदुआ था. चूंकि जिस स्थल पर पप्पू पर हमला हुआ था , वहां से बाघ नहीं, तेंदुए का पग मार्क मिला था.
तेंदुए ने जमाया डेरा
सरपंच राजेश राम का कहना हैकि बालक पप्पू कुमार पर हमला करने के बाद तेंदुआ इस इलाके में डेरा जमा लिया है. वन विभाग की ओर से तेंदुए को खदेड़ने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है. इस वजह से लोग काफी दहशत में हैं.
उनका कहना है कि तेंदुए ने मानव का खून चख लिया है . इस वजह से लोग अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि सघन सर्च अभियान चला कर खूनी तेंदुए को पकड़ा जाये. ताकि लोग दहशत से उबर पायें.
