कोर्ट ने दारोगा को चेताया

बेतिया : हत्या के प्रयास के एक मामले में सही तरीके से अनुसंधान नहीं करने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने मझौलिया थाने में तैनात अनुसंधानक दारोगा उदय पासवान से स्पष्टीकरण मांगा है साथ ही उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. यह कार्रवाई सीजेएम राज किशोर पांडेय ने की है. […]

बेतिया : हत्या के प्रयास के एक मामले में सही तरीके से अनुसंधान नहीं करने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने मझौलिया थाने में तैनात अनुसंधानक दारोगा उदय पासवान से स्पष्टीकरण मांगा है साथ ही उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. यह कार्रवाई सीजेएम राज किशोर पांडेय ने की है. उन्होंने इसे त्रुटिपूर्ण अनुसंधान माना है.
क्या है मामला
मामला मझौलिया थाने का है. 24 अप्रैल 2014 को इस कांड की वादी अपने घर में अकेली सोयी थी. इसी दौरान आरोपित नौशाद आलम बुरी नीयत से घर में घुस गया और रेप की कोशिश की.
विफल होने पर टांगे से प्रहार कर महिला को बुरी तरह से जख्मी कर दिया. मामले में मझौलिया थाने में कांड संख्या 131/14 दर्ज किया गया. इस मामले के अनुसंधानक दारोगा उदय पासवान ने अनुसंधान के बाद विभिन्न धाराओं के अलावा धारा 307 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. कोर्ट ने कहा अनुसंधानक ने अनुसंधान में घोर लापरवाही बरती है. बताये क्यों नहीं आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो.
कोर्ट को आरोप पत्र में मिलीं ये कमियां
– अनुसंधान में जख्म पर प्रतिवेदन नहीं था
– कांड डायरी में भी इसका जिक्र नहीं मिला
– साक्षी कॉलम में चिकित्सक और अनुसंधानक का नाम नहीं था.

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