सोमवार को दिन भर होती रही बाघ की चर्चा
बथवरिया/हरनाटांड़ : बगहा एक प्रखंड के टेसरहिया बथवरिया पंचायत के तिवारी टोला मकरी गांव के समीप बांसवारी रविवार को बरामद मृत जंगली बिल्ली (फिसिंग कैट) का सोमवार को मदनपुर वन क्षेत्र कार्यालय के समीप अंतिम संस्कार कर दिया गया.
रेंजर सदन कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद फिसिंग कैट को दफना दिया गया. उसके गर्दन में गंभीर घाव था.
घाव की वजह से ही उसकी मौत हो गयी है. पोस्टमार्टम करने वाले पशु चिकित्सक डॉ. ज्ञनेंद्र प्रसाद ने बताया कि फिसिंग कैट के गर्दन में पुराना घाव था, जिसमें कीड़े लग गये थे. इसी वजह से उसकी मौत हुई है. रेंजर ने बताया कि बाघ की पूरी तरह से अफवाह थी. लोग फिसिंग कैट को हीं बाघ समझ बैठे थे.
दहशत से उबर गये बेचू अंसारी
टेसरहिया बथवरिया पंचायत के तिवारी टोला मकरी गांव के बेचू अंसारी ने बांसवारी में फिसिंग कैट को देखा था और उसे बाघ समझ कर हल्ला करने लगे थे.
बेचू ने बताया कि वन कर्मियों ने जिस फिसिंग कैट को वन कर्मियों ने पकड़ा, वहीं था. दूर से देखने में वह बाघ की तरह हीं लग रहा था. हालांकि जब मैं उसे देखा तो वह मुङो घूर रहा था. ऐसा लग रहा था, कि वह अभी झपट्टा मार देगा. इस लिए मैं डर गया और जोर जोर से बाघ- बाघ कहा कर चिल्लाने लगा था. बेचू को पूर्णत: विश्वास हो गया है कि फिसिंग कैट हीं थी, जिसे वह बाघ समझा था. हालांकि गांव के अन्य लोगों में अभी दहशत है. चूंकि दियारा का इलाका है और यहां बाघ के आ जाने की पूरी संभावना भी है.
बिचंडी को नहीं देखा बाघ
टेसरहिया बथवरिया पंचायत के तिवारी टोला मकरी गांव के ही 75 वर्षीय बिचंडी मियां दूसरे प्रत्यक्षदर्शी हैं. उनका कहना है कि जब बेचू चिल्ला रहा था. उस वक्त मैं मकरी की ओर से आ रहा था. अभी पुलिस के पास ही पहुंचा था. तभी बेचू की आवाज सुनायी दी. मैं भी जोर-जोर से चिल्लाने लगा. ताकि गांव के लोग आ जाये. अलबत्ता, मैंने बांसवारी में किसी भी जानवर को देख नहीं पाया था.
