हिचकोले खाने को मजबूर

शहर की प्रमुख सड़कें जजर्र, जगह-जगह गड्ढे बेतिया : बात चुनाव के दौरान की है. शहर में जजर्र सड़क को दुरुस्त कराने का मुद्दा हर नेताजी के चुनावी घोषणा की फेहरिस्त में पहले पायदान पर था. जनसभा में सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वायदे भी किये जाते थे. लेकिन, अभी भी सड़क वैसी की वैसी है. […]

शहर की प्रमुख सड़कें जजर्र, जगह-जगह गड्ढे
बेतिया : बात चुनाव के दौरान की है. शहर में जजर्र सड़क को दुरुस्त कराने का मुद्दा हर नेताजी के चुनावी घोषणा की फेहरिस्त में पहले पायदान पर था. जनसभा में सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वायदे भी किये जाते थे. लेकिन, अभी भी सड़क वैसी की वैसी है.
शहर की जजर्र सड़कों पर नेताजी के वादे हिचकोले खाते दिख रहे हैं. शहर की जजर्र सड़कों पर हर रोज जाम लगती है. फर्राटा भरना तो दूर बाइक और गाड़ी का खर्च बढ़ गया है.
नगर भवन मुख्य मार्ग
शहर का अति व्यस्ततम और मेन रोड को जोड़ने वाले नगर भवन मुख्य मार्ग की हालत सबसे खराब है. सोआ बाबू चौक से सागर पोखरा और जनता सिनेमा से रेडक्रॉस तक तो सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी.
राज कचहरी रोड
बेतिया शहर की पहचान यहां से राज दरबार से है. लेकिन राज कचहरी का मार्ग पूरी तरह से गड्ढ़े में तब्दील है. इन दिनों तक इस सड़क से धुल उड़ रहे हैं.
नया बाजार
नया बाजार को जाने वाली सड़क टूटे-फूटे हालत में है. इस मार्ग पर हर दूसरे दिन दुर्घटना की सूचना मिलती है. गिट्टी सड़कों से उखड़ गये हैं.
छावनी रोड
कोई ऐसा दिन नहीं होगा, जब छावनी मार्ग पर लंबी जाम न लगे.
कारण उबड़-खाबड़ सड़कें. फिर भी इसके मरम्मत को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >