बगहा : केंद्र सरकार की भूमि अधिग्रहण विधेयक 2015 के खिलाफ जदयू का एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम शनिवार अनुमंडल मुख्यालय में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. उपवास कार्यक्रम के दौरान आयोजित सभा की अध्यक्षता बगहा के विधायक प्रभात रंजन सिंह ने की. जबकि संचालन जदयू के वरीय नेता राकेश सिंह ने किया.
पूर्व सांसद कैलाश बैठा ने कहा कि 31 दिसंबर 2014 को अध्यादेश के जरिये भारत सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव लाया है. केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव जन विरोधी है. इससे केंद्र सरकार की जनविरोधी एवं किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हुई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरे बिहार के जदयू कार्यकर्ता केंद्र सरकार के इस विधेयक के विरोध में है. विधायक प्रभात रंजन सिंह ने कहा कि बहुमत के बल पर इस विवादित विधेयक को लोकसभा में पारित भी करा लिया गया है.
लेकिन राज्य सभा में इसका पास होना मुश्किल है.उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसदीय लोकतंत्र का भी अपमान किया है. इस विधेयक के जरिये केंद्र सरकार पूंजीपतियों को मदद कर रही है. किसानों की जमीन छीनने का षडयंत्र है, इसे कभी भी लागू नहीं होने देना है.
उपवास कार्यक्रम के संयोजक दयाशंकर सिंह ने कहा कि जदयू कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल मुख्यालय पर पहुंच कर एक दिवसीय 12 घंटा के उपवास को सफल बनाया. इसके लिए हम सभी कार्यकर्ताओं के आभारी है.उपवास कार्यक्रम में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष उमाशंकर पटेल, मो. निजामुदीन, फुन्नी मिश्र, प्रो. बबुआजी सिंह, विनोद कुशवाहा, प्रदीप गुप्ता, विनोद उरांव, राजेश उरांव, जयप्रकाश सिंह, सुभाष चौधरी, जवाहर सिंह, विद्या कुमार सिंह, एहतेशामूल हक, अशोक पटेल, अजय पांडेय, जुगनू आलम, इजहार अंसारी, मुन्ना गुप्ता आदि उपस्थित रहे. साथ हीं केंद्र सरकार की इस गलत के खिलाफ आम लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया.
