बंदियों की मनमानी के खिलाफ बेतिया मंडलकारा में अनशन

बेतिया : शातिर अपराधियों व रंगदारों की मनमानी जेल जाने के बाद भी बंद नहीं हुई है. इसी अत्याचार के खिलाफ एक बंदी अजरुन साह ने मंडल कारा में ही आमरण अनशन पर बैठ गया है. इस संबंध में बंदी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी व रेल न्यायिक दंडाधिकारी को पत्र भेज कर सूचना दी है. […]

बेतिया : शातिर अपराधियों व रंगदारों की मनमानी जेल जाने के बाद भी बंद नहीं हुई है. इसी अत्याचार के खिलाफ एक बंदी अजरुन साह ने मंडल कारा में ही आमरण अनशन पर बैठ गया है. इस संबंध में बंदी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी व रेल न्यायिक दंडाधिकारी को पत्र भेज कर सूचना दी है.
उसने बताया है कि जेल में दस बंदियों की ही दबंगता चलती है, जो अक्सर बंदियों से रंगदारी की मांग करते हैं. नहीं देने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी भी देते हैं. अजरुन साह ने बताया कि इस डर से वह कुछ कैदियों को अब तक 50 हजार रुपये रंगदारी दे चुका है. इसके बाद भी यह सिलसिला बंद नहीं हुआ. जब भी वह जेल प्रशासन से शिकायत करता है तो उसके साथ मारपीट की जाती है. उसने जेल प्रशासन पर दबंग कैदियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया है.
कौन है अजरुन साह
अजरुन साह मोतिहारी जिले के रामगढ़वा थाना के सकरार बाजार का रहनेवाला है. जो सीतामढ़ी जेल से स्थानांतरित हो कर वर्ष 2011 में बेतिया जेल में आया है.

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