क्षण भर में टूटी बचपन की यारी, बन गया खून का प्यासा
बेतिया : गुरुवलिया के इम्तेयाज अंसारी की मौत ने दोस्ती के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिये हैं. दोस्त इतना बेरहम हो सकता है किसी ने ऐसा नहीं सोचा था. गांव वाले बताते हैं कि इम्तेयाज अंसारी व अख्तर अंसारी की दोस्ती बचपन से ही थी. एक-दूसरे के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था.
लेकिन इस दोस्ती के बीच ऐसी कौन सी बात हुई जिसने दोस्त को जानी दुश्मन बना दिया.घटना के बाद पुलिस भी इस पहलू की जांच कर रही है कि इम्तेयाज और अख्तर के बीच कौन सी बात को लेकर विवाद चल रहा था. अगर विवाद की जानकारी इम्तेयाज को होती तो शायद वह अख्तर के बुलाने पर उसके घर नहीं जाता. एसडीपीओ रामानंद कौशल ने बताया कि घटना के हर पहलुओं की जांच चल रही है. इस घटना के पीछे प्रेम प्रसंग की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है.
दुलारा था इम्तेयाज
मृतक इम्तेयाज अंसारी चार भाइयों में सबसे छोटा था.
इससे सभी भाई इम्तेयाज को काफी प्यार करते थे. इस घटना के बाद तीनों भाई गहरे सदमे में हैं.
दोस्ती व प्यार में गयी जान
बेतिया. जिले में अब तक कई जानें दोस्ती व प्यार के चक्कर में जा चुकी हैं.
कुछ की हत्या के रहस्य से परदा उठा तो कुछ की फाइलें अभी जांच के दायरे में फंसी हुई है.
प्रेमी ने मारी थी गोली
केस एक : वर्ष 2014 की सबसे चर्चित घटना नवलपुर के दूल्हा रंजीत हत्याकांड है. इस घटना में द्वारपूजा से पहले दूल्हा रंजीत कुमार सुमन को दुल्हन के कथित प्रेमी यतिंद्र ने गोली मार दी. जिससे दूल्हा रंजीत की मौत घटना स्थल पर हो गयी थी. इस मामले में पुलिस ने दुल्हन व कथित प्रेमी यतिंद्र समेत सभी जेल भेज दिया है.
चाकू से गोद हत्या
केस दो : वर्ष 2014 में ही मुफस्सिल थाना के महना चौक पर एक युवक को घर में बुला कर चाकू से गोद कर हत्या कर दी गयी थी. इस घटना के पीछे भी प्रेम प्रसंग की बात समाने आयी थी. लेकिन अभी तक पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है.
ट्रांसपोर्टर पुत्र की हत्या
केस तीन : सिंहपुर सतवरिया गांव के ट्रांसपोर्टर के पुत्र डब्लू की हत्या चाकू से गोद कर 14 दिसंबर को कर दी गयी थी. डब्लू नगर के महावत टोली के समीप रहता था. जिसको घर से बुला कर उसके दोस्त ले गये थे. इस घटना को भी प्रेम प्रसंग से जोड़ कर पुलिस ने छानबीन की थी. मामले से परदा नहीं हटा है.
