बेतिया : राज्य में सहकारी समितियों के सशक्तीकरण के लिए बनाई गई समेकित सहकारी विकास परियोजना के काम जिले में निराशाजनक साबित हुआ है. इस परियोजना के तहत कराए जाने वाले काम की गति काफी धीमी रही है. इसके पीछे मुख्य कारण यह रहा कि महाप्रबंधक के कार्यालय स्तर से सहकारी समितियों को राशि भी स्थानांतरित नहीं की गई है.
राशि खर्च नहीं करने में फंसे महाप्रबंधक, स्पष्टीकरण

राशि खर्च नहीं करने में फंसे महाप्रबंधक, स्पष्टीकरण
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बेतिया : राज्य में सहकारी समितियों के सशक्तीकरण के लिए बनाई गई समेकित सहकारी विकास परियोजना के काम जिले में निराशाजनक साबित हुआ है. इस परियोजना के तहत कराए जाने वाले काम की गति काफी धीमी रही है. इसके पीछे मुख्य कारण यह रहा कि महाप्रबंधक के कार्यालय स्तर से सहकारी समितियों को राशि भी […]
इस मद में जिले में लिए आवंटित 39.06 करोड़ रुपये में से मात्र 6.70 करोड़ की सहकारी समितियों को स्थानांतरित किए गए, जो कुल राशि का करीब 17 फीसद ही रहा. सबसे निराशाजनक बात यह भी रही कि जो राशि स्थानांतरित भी की गई, उसमें 34.21 फीसद राशि का ही उपयोग किया गया है.
परियोजना के काम फिसड्डी रहने के कारण समेकित सहकारी विकास परियोजना के राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी ने महाप्रबंधक से स्पष्टीकरण की मांग की है. महाप्रबंधक को जारी पत्र में इस मद की इतनी बड़ी राशि अवशेष रहने के कारण नाराजगी व्यक्त की गई है. साथ ही उन्हें यह बताने को कहा गया है कि इस लापरवाही के चलते उनके खिलाफ क्यों नहीं प्रपत्र क गठित कार्रवाई की अनुशंसा की जाय.