बेतिया : शादी करने की नीयत से नाबालिग के अपहरण के मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विजय कुमार ने एक आरोपित को दोषी पाते हुए उसे सात वर्ष कठोर कारावास तथा 40 हजार अर्थदंड की सजा सुनायी है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
सजायाफ्ता राजेश राम रामनगर थाने के भावल गांव का रहनेवाला है. पाक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक वेदप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि 23 मार्च 2016 को भावल गांव की एक नाबालिग रात्रि में शौच करने गयी थी. इसी दौरान आरोपित राजेश राम ने शादी की नीयत से उसे अगवा कर लिया. जब पीड़िता के घरवाले इसकी शिकायत करने राजेश राम के घर गये तो राजेश के घरवाले उनके साथ गाली गलौज करने एवं मारपीट पर उतारु हो गये.
इस संबंध में पीड़िता के पिता ने रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसी मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने राजेशराम को भादवि कीधारा 366 ए में दोषी पाते हुए पांच वर्ष कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनायी है. तथा चार पाॅक्सो एक्ट में सात वर्ष कठोर कारावास तथा 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनायी है. दोनों सजा साथ साथ चलेगी.
