मानव शृंखला की सफलता के लिए दिया आवश्यक निर्देश
बेतिया : खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री मदन सहनी ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन से होने वाले विभिन्न प्रकार के समस्याओं से जूझ रहा है. जलवायु संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई कारगर उपायों को कार्यान्वित किया गया है. इसी क्रम में सरकार द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की गयी है. इस अभियान के तहत आहर, तालाब, कुआं, चापाकलों, नलकूपों आदि को अतिक्रमणमुक्त कराते हुए इनका जीर्णोंद्धार कराया जा रहा है.
इसके साथ ही छोटी-छोटी नदियों-नालों में एवं पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रहण क्षेत्रों में चेक डैम एवं जल संचयन के अन्य संरचनाओं का निर्माण विस्तृत कार्ययोजना बनाकर किया जायेगा.
मंत्री श्री सहनी सोमवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में जल जीवन हरियाली योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिलास्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे.
कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आज हम सभी को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कभी बाढ़, कभी सूखा, कभी ओला, बेमौसम ज्यादा मात्रा में बरसात होने के कारण विगत सालों में कई प्रकार की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है. जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को मिलजुल कर कार्य करना होगा. उन्होंने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान में सभी की सहभागिता अत्यंत जरूरी है.
40 तालाब व 245 कुंओं से हटाया गया अतिक्रमण
डीडीसी रवीन्द्र नाथ प्रसाद सिंह ने बताया कि अबतक कुल 40 आहर तालाब को अंतिम रूप से अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है. वहीं 245 कुओं को भी अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है. जिले में 1581 पईन है जिनका जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है तथा 7 पईन का जीर्णोद्धार कर दिया गया है. 39343 सार्वजनिक चापाकल का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है. वहीं 2898 सार्वजनिक कुओं तथा 304 सार्वजनिक नलकूपों का निर्माण कराया गया है.
