दुआ करें! इस चेहरे का नूर यूं ही चमकता रहे...

बेतिया : लौरिया के रहने वाले किसान रिंकू शुक्ला के आठ साल के बेटे आयुष को भूख खूब लगती थी. पानी भी भरपूर पीता था. ऐसे में उसको बार-बार पेशाब लगता था. सबकुछ सामान्य सा था. माता-पिता को लगता था कि ज्यादा पानी पीने की वजह से ऐसा है, लेकिन दो माह पहले आयुष में […]

बेतिया : लौरिया के रहने वाले किसान रिंकू शुक्ला के आठ साल के बेटे आयुष को भूख खूब लगती थी. पानी भी भरपूर पीता था. ऐसे में उसको बार-बार पेशाब लगता था. सबकुछ सामान्य सा था. माता-पिता को लगता था कि ज्यादा पानी पीने की वजह से ऐसा है, लेकिन दो माह पहले आयुष में पेशाब की समस्या और तेजी से बढ़ने लगी. पेट दर्द रहने लगा और सेहत भी गिरने लगी.

सेहत में परिवर्तन देख परिजनों ने पहले तो स्थानीय चिकित्सक से दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिलने पर उसे बेतिया लाये. जहां चिकित्सकीय जांच में आयुष टाइप वन डायबिटीज के लक्षण मिले. आयुष की जांच के दौरान खाना खाने के बाद शुगर लेवल 428 तथा खाने से पहले 210 बताया गया. जबकि सामान्य व्यक्ति में शुगर का स्तर खाना खाने के बाद 140 से कम और खाने से पहले 110 से कम होता है. लिहाजा मासूम आयुष में शुगर का लेवल सामान्य से तीन गुना पाया गया.
चिकित्सक ने आयुष को इंसुलिन दिया और बेहतर इलाज के लिए पटना या दिल्ली एम्स जाने की सलाह दी. रिंकू अब अपने बेटे को इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की तैयारी में हैं. ताकि आयुष को अच्छा इलाज मिल सके.
बच्चे को देखने पहुंच रहे हैं लोग, कर रहे दुआ : आठ साल के मासूम आयुष में डायबिटीज के लक्षण मिलने के बाद से उसे देखने के लिए इलाके लोग पहुंचते हैं. सभी उसके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं. कोई इसे बदलते परिवेश, प्रदूषण को जिम्मेवार ठहरा रहा है तो कोई मोटापे को वजह बता रहे हैं. बच्चे में शुगर होने पर सभी अपना तर्क बता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में इस तरह का यह पहला मामला है.

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