प्राचार्य के आश्वासन पर माने, घंटे भर बाद बहाल हुई ओपीडी सेवा
गुरुवार को भी प्राचार्य कक्ष में की थी तालाबंदी
मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने बाधित की सेवाएं
बेतिया : स्टाइपेंड (ट्रेनिंग मानदेय) नहीं मिलने से नाराज गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु चिकित्सकों ने लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया. गुरुवार को जहां जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य कक्ष में तालाबंदी की थी. वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को प्राचार्य कक्ष में ताला जड़ने के साथ-साथ ओपीडी सेवा भी ठप कर दी.
इससे मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी मच गयी. सूचना पर पहुंचे प्राचार्य डॉ विनोद प्रसाद व अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीके सिंह के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और करीब घंटे भर बाद ओपीडी सेवा बहाल हो सकी. इंटर्न डॉ. गौरव स्त्यार्थी ने बताया कि उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंट विगत छह माह से लंबित है.
अपने स्टाइपेंड की मांग वें कई महीनों से कर रहे हैं. जिले में दौरे पर आये प्रधान सचिव से भी इसकी मांग की थी, लेकिन अब तक उनके स्टाइपेंट का भुगतान नहीं हो सका है. इधर, गुरुवार को उनके सब्र का बांध टूट गया और वे प्राचार्य कार्यालय में ताला जड़ अपना विरोध प्रदर्शन करने लगे. हालांकि इसके बाद भी किसी तरह का आश्वासन नहीं मिलने पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने शुक्रवार की सुबह ओपीडी में ताला लगा सेवा बाधित कर दी. इसक सूचना कर्मी एवं चिकित्सकों ने प्राचार्य को दी.
दल बल के साथ मौके पर पहुंचे प्राचार्य ने आंदोलित इंटनर्स को समझाया. उनके साथ बैठक की. सकारात्मक आश्वासन दिया. उसके बाद मामला शांत हुआ. इंटर्न डॉ गौरव स्त्यार्थी ने कहा कि प्राचार्य द्वारा उनके बकाये स्टाइपेंट का भुगतान 15 तारीख तक करने का आश्वासन दिया गया है. तय समय के अंदर उनके स्टाइपेंड का भुगतान नहीं होने की स्थिति में वे फिर आंदोलन को बाध्य होंगे.
