बेतिया : रामनगर आइसीडीएस परियोजना में डाटा ऑपरेटर की मिलीभगत से चयमुक्त हो चुकी सेविका अन्नु कुमारी को उपस्थित दिखाकर दो माह का मानदेय का भुगतान कर दिया गया है.
चयनमुक्त सेविका का मानदेय भुगतान का मामला जब सामने आया, तो परियोजना कार्यालय की ओर से लिपिकीय भूल कह लीपापोती का प्रयास किया गया. जबकि आंगनबाडी केंद्र संख्या-198 पर सेविका पद पर चांदमुनी देवी के 11 सितंबर 2018 को योगदान देने के बाद मानदेय भुगतान के लिए 10 हजार रिश्वत मांगी गयी.
रिश्वत नहीं देने के कारण मानदेय भुगतान के मामले की जांच बगहा एसडीएम विजय प्रकाश मीणा ने जांच किया तो मामले का खुलासा हुआ है. एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऑपरेटर विजय पासवान को दोषी मानते हुए कार्रवाई के लिए डीएम डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे को प्रतिवेदन भेजा है.
