बेतिया : माध्यमा परीक्षा में फेल होने के बावजूद अंक पत्र में फर्जीवाड़ा कर विकास मित्र पद की नौकरी हथियाना महंगा पड़ गया. फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर बहाल होने के कारण उनका चयन रद्द कर दिया गया है. उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. साथ ही वेतन मद में ली गई राशि भी वसूल की जायेगी.
इसको लेकर बगहा एसडीएम विजय कुमार मीणा ने जिला कल्याण पदाधिकारी आशुतोष कुमार शरण को प्रतिवेदन भेजा है. जिला कल्याण पदाधिकारी को भेजे गए प्रतिवेदन में एसडीएम ने बताया है कि बगहा-दो प्रखंड के संतपुर सोहरिया पंचायत में विकास मित्र के पद अनिता देवी का कार्यरत थी. उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र का सत्यापन बिहार संस्कृत बोर्ड से कराया गया. जिसमें अनिता देवी फेल थी, इसके बावजूद फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर बहाल हो गई.
फर्जी प्रमाण पत्र निकल जाने के कारण 14 दिसंबर 2017 को उनको चयनमुक्ति का डीएम को प्रतिवेदन भेजा गया. डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने विकास मित्र अनिता कुमारी को चयन मुक्त करते हुए वेतन मद में ली गई राशि जमा कराने का आदेश दिया गया था. मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। जिसको लेकर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी ने पटखौली थाने में एफआईआर भी दर्ज कराया है.
