बाढ़ ने तोड़ दी किसानों की कमर, फसल डूबी

नरकटियागंज : बाढ़ की विभिषका से कई गांव तो बच गए, लेकिन पंडई, मनियारी व जमुआ नदी के पानी ने किसानों की कमर ही तोड़ कर रख दी है. सबसे अधिक नुकसान भसुरारी, कुंडिलपुर बरगजवा और बरवा बरौली पंचायत के किसानों को हुआ है. इन पंचायतों के गांवों में लगी दो सौ से उपर किसानों […]

नरकटियागंज : बाढ़ की विभिषका से कई गांव तो बच गए, लेकिन पंडई, मनियारी व जमुआ नदी के पानी ने किसानों की कमर ही तोड़ कर रख दी है. सबसे अधिक नुकसान भसुरारी, कुंडिलपुर बरगजवा और बरवा बरौली पंचायत के किसानों को हुआ है. इन पंचायतों के गांवों में लगी दो सौ से उपर किसानों के फसलों का भारी नुकसान पहुंचा है.

गौरीपुर मंझारिया के किसान अनिरूद्ध प्रसाद, रामेश्वर कुशवाहा, संजय प्रसाद, रमतुल्लाह अंसारी, हसीना खातून, रमेन्द्र प्रसाद समेत अन्य किसानों के खेतों में लगे धन के बिचड़े पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. वहीं भसुरारी पंचायत के नरकटिया गांव में महेश यादव, रामजी साही, रतन यादव, सुनील यादव, विशुपनुरवा में मेराजुल मियां, अख्तर मियां, खुर्शेद मियां, योगेन्द्र पाल, फरजन मियां आदि किसानों की फसलें बर्बाद हो गयी हैं.

वहीं बरवा बरौली पंचायत के पोखरिया गांव निवासी कन्हैया साह, शोएब शम्शी, मंगरहरी के विजय गुप्ता, रामविलास आदि के खेतों में लगे धान के बिचड़े पानी लगने के कारण पूरी तरह गलकर बर्बाद हो गए हैं. किसानों का कहना है कि अब तक सरकारी स्तर पर कोई भी अधिकारी या कृषि विभाग के अधिकारी बाढ़ के पानी से हुई क्षति के बारे में आकलन करने नहीं पहुंचे.

बोले अधिकारी
बाढ़ के पानी से हुई फसल क्षति के बारे में अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं है. आदेश मिलते ही क्षति पूर्ति की व्यवसथा की जाएगी.
रवि सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, नरकटियागंज

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