थानाध्यक्ष की सूझबूझ से बची महिला की जान
नरकटियागंज : शिकारपुर थाना क्षेत्र के जयमंगलापुर गांव में ग्रामीणों की भीड़ उस समय उग्र हो गयी, जब एक दलित उत्पीड़न केस के आरोपियों को गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची. भूमि-विवाद को लेकर एकत्र हुए ग्रामीण पुलिस जीप में बैठी कांड संख्या 145/18 की वादी और गोखुला गांव निवासी कांति देवी को देख भड़क उठे और पुलिस वाहन को खदेड़ दिया.
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों में शामिल महिलाएं बच्चे और पुरुष उक्त महिला को अपनी गिरफ्त में लेना चाह रहे थे. किंतु दलित उत्पीड़न में गिरफ्तारी को पहुंचे एसआई लक्ष्मण प्रसाद ने पुलिस की जीप सहित महिला को थाने भेज कर महिला की जान बचाई. एसडीपीओ निसार अहमद ने बताया कि महिला को पुलिस के साथ अभियुक्तों की पहचान के लिए भेजा गया था. किंतु ग्रामीण उक्त महिला को देख उग्र हो गए. उन्होंने बताया कि ग्रामीण आरोप लगा रहे थे कि उक्त महिला लोगों पर गलत मुकदमे दायर कर परेशान करती है.
उन्होंने बताया कि महिला ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ दलीत उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज कराया है. और अनुसंधान में भी मामला सत्य पाया गया है. लेकिन ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश रहा कि दलित उत्पीड़न मामले में पुलिस महिला का ही साथ दे रही है. जबकि मामला बिल्कुल ही गलत है. हालांकि थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर मामला शांत करा दिया. वरना कोई भी अनहोनी हो सकती थी.
