बेतिया/बगहा : चुनाव आदर्श आचार संहिता समाप्ति के बाद अब राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को क्रियान्वित करने की कवायद में जिला प्रशासन जुट गया है. इसके लिए प्रखंडवार आवेदन प्राप्त किये जाने लगे हैं. मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के तहत सभी वर्ग के वृद्धों को लाभ पहुंचाने के लिए उद्देश्य से प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन जमा कराये जा रहे हैं.
एक अप्रैल से अब सभी वृद्धों को मिलेगी पेंशन
बेतिया/बगहा : चुनाव आदर्श आचार संहिता समाप्ति के बाद अब राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को क्रियान्वित करने की कवायद में जिला प्रशासन जुट गया है. इसके लिए प्रखंडवार आवेदन प्राप्त किये जाने लगे हैं. मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के तहत सभी वर्ग के वृद्धों को लाभ पहुंचाने के लिए उद्देश्य से प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर […]

ताकि उम्र के चौथे पायदान पर वृद्धजनों को आर्थिक सहायता मिल सके. इस सुविधा को लेने के लिए 60 वर्ष की उम्र को पार करने वाले सभी वृद्ध अपना आवेदन अपने प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर जमा कर सकते हैं.
सामाजिक सुरक्षा की सहायक निदेशक ममता झा ने बताया कि उनके द्वारा जमा किए गए आवेदनों को विहित प्रक्रिया में प्रोसेस करने के बाद राशि का भुगतान शुरु कर दिया जाएगा. पेंशन की राशि उनके बैंक खाता के माध्यम से दी जाएगी. जून से प्रति माह पेंशन दी जाएगी. जिनका आवेदन पूर्व में डाले जा चुके हैं, उन्हें एक अप्रैल की तिथि से पेंशन मिलेगी.
जिलाधिकारी डॉ. निलेश रामचन्द्र देवरे ने प्रखंडों के आरटीपीएस काउंटर पर पंचायत रोस्टर के अनुसार ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए सभी बीडीओ को निर्देश जारी किया है. इसके लिए आरटीपीएस काउंटर पर जून माह से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे. सहायक निदेशक श्रीमती झा ने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष की उम्र पूरा करने वाले कोई भी वृद्ध चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग के हों, उन्हें यह पेंशन मिलेगी. पेंशन का भुगतान प्रति माह 400 रुपये के हिसाब से किया जाएगा.
वहीं 80 वर्ष पूरा करने वाले को यह राशि 500 रुपये के हिसाब से दी जाएगी. इस कार्य में पंचायत सचिव, टैक्स दारोगा, आवास सहायक आदि की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया गया है. भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रखंडों में अतिरिक्त आरटीपीएस काउंटर की भी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा इस योजना के प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया है. वृद्धों की सुविधा के लिए प्रखंड कार्यालय परिसर में चिकित्सा सुविधा एवं पेयजल की उपलब्धता पर भी ध्यान देने पर बल दिया गया है.