मोतिहारी : शहर में मतगणना को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. चांदमारी चौक से एमएस कॉलेज तक कदम-कदम पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती थी. शरण द्वार के पास मुख्य सड़क पर ड्राॅपगेट था. वहां पुलिस ऑफिसर के अलावा एसएसबी जवान चौकस थे. उससे आगे किसी को जाने की इजाजत नहीं थी. शांति व्यवस्था बनाये रखने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : शहर में मतगणना को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. चांदमारी चौक से एमएस कॉलेज तक कदम-कदम पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती थी. शरण द्वार के पास मुख्य सड़क पर ड्राॅपगेट था. वहां पुलिस ऑफिसर के अलावा एसएसबी जवान चौकस थे. उससे आगे किसी को जाने की इजाजत नहीं थी. शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए बाइकर्स टीम शहर में लगातार भ्रमणशील थी. एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा व सदर डीएसपी एमएम मांझी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे.
उधर बंजरिया पुराना ब्लॉक ऑफिस के पास भी ड्राप गेट था. बेतिया व रक्सौल से आने वाली तमाम छोटी-बड़ी गाड़ियों को रेलवे ढाला होकर निकाला जा रहा था. ब्लॉक आॅफिस से लेकर चांदमारी शरण द्वार तक की मुख्य सड़क पर सन्नाटा परसा था. सड़क पर दिन भर सिर्फ अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ती रही. शहर के चौक-चौराहे पर भी दंडाधिकारी के साथ पुलिस पदाधिकारी व जवानों की ड्यूटी लगी थी. चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच एमएस कॉलेज में पूर्वी चंपारण व शिवहर लोकसभा चुनाव का मतगणना कार्य संपन्न हुआ.
इधर, एमएस कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर चाक-चौबंद व्यवस्था थी. मतगणना को लेकर लोगों की उत्सुकता चरण पर थी पर राजा बाजार स्थित महागठबंधन कार्यालय में करीब एक बजे मायूसी दिख रही थी. रुझान जानने के बाद कार्यकर्ता अपनी कमजोरियों को गिना रहे थे. वहीं कार्यालय में लोगों का आना-जाना लगा रहा. कार्यालय के बाहर व अंदर पुलिस के जवान मौजूद थे. कार्यालय के एक भाग में कार्यकर्ता बैठ मतगणना की समीक्षा कर रहे थे.
कोई कह रहा था कि उम्मीद के अनुसार उनके पार्टी को वोट नहीं मिला है तो कोई महागठबंधन का जादू नहीं चलने की बात कह रहे थे. कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां कर रहे थे कि परिणाम उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं आ रहा है. ऐसे में सबके चेहरे पर मायूसी थी. हॉल के दूसरी भाग में कुर्सियां खाली पड़ी थी. हां कुछ कुर्सियां पर पुलिस जवान जरूर बैठे थे.