बेतिया : दस वर्ष पहले भूमि विवाद को लेकर हुई दोहरे हत्याकांड के मामले में जिला एवंसत्र न्यायाधीश अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने सजा का एलान किया है. उन्होंने इस हत्या के मामले में पिता एवं उसके तीन पुत्रों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ हीं बीस बीस हजार के अर्थदंड की भी सजा दी है. अर्थदंड का भुगतान नही करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजायाफ्ता पिता मुकुरधन महतो तथा उनके तीन पुत्र गौरीशंकर महतो, धर्म महतो, तथा जितेंद्र महतो शिकारपुर थाने के चिंतावनपुर निवासी है.
दोहरे हत्याकांड में पिता व तीन पुत्रों को उम्रकैद
बेतिया : दस वर्ष पहले भूमि विवाद को लेकर हुई दोहरे हत्याकांड के मामले में जिला एवंसत्र न्यायाधीश अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने सजा का एलान किया है. उन्होंने इस हत्या के मामले में पिता एवं उसके तीन पुत्रों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ हीं बीस बीस हजार […]

अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार सिंह ने बताया कि 9 जून 2009 को चिंतामनपुर गांव का रंजीत कुशवाहा अपने घरेलू काम में व्यस्त था. तभी पंचो द्वारा दी गयी रास्ते की जमीन पर सभी आरोपित नाजायज मजमा बनाकर हरवे हथियार से लैस होकर आये और उसपर फुस का घर बनाने लगे.
जिसका सीताराम महतो ने विरोध कियातो उसको मुकुरधन महतो ने खंती से प्रहार कर जख्मी कर दिया. उसके पिता जगत महतो तथा काशी महतो बचाने आये तो उन्हें भी सभी आरोपितों ने गड़ांसा लाठी व लोहे के रड से मारकर बुरी तरह जख्मी कर दिया. इलाज के दौरान सीताराम महतो की मृत्यु नरकटियागंज पीएचसी में हो गयी
वहीं काशी महतो की मृत्यु एमजेके अस्पताल बेतिया में इलाज के दौरान हुयी. इस संबंध में रंजीत कुशवाहा ने शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसी मामले की सुनवाई पुरी करते हुए जिला जज ने यह सजा सुनायी है.